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Pahalwan news, पहलवान कविता, doshi kaun, pahalwan par kavita dhobi pachhad - kavita kunji

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धोबी पछाड़  कामदेव बड़ा बलवान है पागल कर देता इंसान को। धन्य अध्यक्ष जी, धोबिया पछाड़ उल्टी मार दी पहलवान को।। चलो आरोप झूठ ही सही पर जब तक सच्चाई निकल कर आवेगी। तब तक तुम्हारी इज्जत का पोस्टमार्टम जनता कर डालेगी। देखा नहीं यूट्यूब कैसे बवाल मचा रहा है। दो कोड़ी का इंसान भी अपने को जंतर मंतर पर हीरो बता रहा है।। बस हम पहलवानों के साथ हैं क्या माजरा? पता नहीं। ब्रजभूषण गुंडा पहलवानों की खता नहीं।। फ्री की पब्लिसिटी में लोग न जाने क्या क्या बोल रहे हैं। ये मुद्दा कुछ और है लोग ई वी एम का भी राज खोल रहे हैं।। लगता है इस पूरे कांड में कुछ राजनीति का भी झोल है। मामला स्पष्ट नहीं कुछ तो गोलमोल है।। कोई धडल्ले से बोल रहा है तो कोई मौन है। अगर यह साजिश है तो इसके पीछे कौन है? धरने से न झूठ सच और न सच झूठ साबित हो सकेगा। माननीय सुप्रीम कोर्ट दूध का दूध पानी का पानी जल्द साबित करेगा।। भाई पुलिस की इन्वेस्टिगेशन से तो राम बचाए। मर्डर भरे बाजार में चंदू करता और पुलिस परशुराम बताए।। अच्छा है हम सब और अदालतों से भी ऊपर एक अदालत है। वहां किसी गुंडा माफिया और बाहुबली की नहीं चालत है।। वहां जैसी कर...

56 इंच का सीना, 56 inch ka seena - kavita kunji

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क्या रखा है गिरगिट की तरह जीने में। जरा सामने आके देख क्या छुपा है इस 56 इंची सीने में। मौहलत दी है तुम्हें सुधर जाने की। भूल मत कर हमें अंजमाने की।। सोला हूं पहले जलेगा फिर फटेगा भी। वक्त है पश्चाताप कर वरना मिटेगा भी।। मत कटाक्ष कर दर्द गहरा है। अब भी पाबंदी और पहरा है।। हर रात के बाद सबेरा है। माफी के काबिल नहीं जो गुनाह तेरा है।। अब ऐसा जख्म देंगें कि सात पीढ़ियों तक याद करेगा। मत भूल में रहना प्यारे कि हर बार बाप माफ करेगा।। मतलब परस्त आदमी मत अब रिश्ता बना। जा आज फ़िर से माफ़ किया जाकर खुशियां मना।।

Daru par kavita l Poem On Sharab

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#sharab #poem on sharab #sharabi par kavita शराबियों के प्रकार भिखारी भी दारू पीकर बनता है साहूकार। आज विस्तार से बताता हूं शराबियों के प्रकार।। सन सतनाबे में शराबियों के परीक्षण से आंका गया। शराबियों की किस्म को चार भागों में बांटा गया।। नंबर चार पर प्यार के ठुकराए आशिक आते हैं। घटिया किस्म के शराबी मयखाने में पीने जाते हैं।। ये ज्यादातर कर्जा लेकर के पीते हैं। जिंदगी को एक बोझ समझकर के जीते हैं।। सूची में नंबर तीन पर उन शराबियों का ब्योरा है। हर रोज पी रहे हैं जीवन अधूरा है।। ये लगभग नब्बे फीसदी शादीशुदा हैं। वाकी दस फीसदी शादी के बावजूद बीबी से जुदा हैं।। ये हर रोज दारू पीकर घर आते हैं। दरवाजा अक्सर पड़ोसी का खटखटाते हैं।। नंबर दो की सूची में अक्सर शराबियों की संख्या कम है। इनके दिल में कोई ठेस या फिर कोई गहरा गम है।। ज्यादातर ये लोग जोड़े से पीते हैं। समझकर चार दिन की जिंदगी एंजॉय से जीते हैं।। नंबर एक के शराबियों में अमीर लोग बेशुमार हैं। उद्योगपति, नेता और उच्चाधिकारी और उनका परिवार हैं।। ये दारू, मदिरा, शराब नहीं सोमरस समझ पीते हैं। खुद को कलियुगी देव और धरती को देवलोक समझ ज...

Bewafa Shayari 💔 | टूटे दिल की आवाज़

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    Pyar Ki Nishani ❤️ | प्यार की निशानी @kavitakunji #ViralShayari  हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्यार की निशानी नीलाम न होने देंगे।। मानते हैं दर बदर तुम ढूंढते हो अब हमें। पर अपने दर पर बेवफा हम तुझे न झांकने देंगे।। अपने प्यार की निशानी नीलाम न होने देंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। तू दिल बेचती है लालची बोली लगाकर। बहुत पैसा कमाया जिस्म अपना बिछाकर।। अब बफाओं की बस्ती में हम तुझे न बसने देंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। पैसे के दम पर घर बसा रहीशों की बस्तियों में। और मंहगा! दिल बिकेगा तेरा,ऊंची हस्तियों में।। वहां बच्चे भी तेरे पढलिख कर उद्योगपति बनेंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। पल में क्या से क्या हो जायेगी औकात तेरी। विदेशों में पढ़ने जायेगी औलाद तेरी।। फिर भी लोग बाजार में तुझे खुलेआम न चलने देंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। किसी के दिल को घर समझ कर अपना प्यार वसादे। बच्चों को भी बाप बास्ते किसी एक का नाम बतादे।। बरना बच्चे तुझको भी मां कहने से इंकार करेंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। ********...

Zindagi Ka Sach | जीवन की कड़वी सच्चाई | Hindi Kavita

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झूठी शान @kavitakunji #viralpoem दुख सुख परिवर्तनीय, न रहता एक सदां है। जितना मिला सब्र कर, होता वही जो मंजूर-ए-खुदा है।। क्यों गठरी बांधकर कर, तू कर रहा मेरा मेरा। जबकि जाना कुछ है नहीं, यह सत्य भी तुझे पता है।। मौत को झुठला देना भी, तो एक बड़ा मजाक है। भगवान को सिद्ध करो, यह कितना शर्मनाक है।। आज खुदा का भी सौदा किया, धर्म के ठेकेदारों ने। भगवान की भी बोली लगने लगी, सरेआम बाजारों में।। लोग बिजनेस ठोंक रहे, भगवान के नाम पर। क्या भरोसा करोगे, अब तुम इंसान पर।। अभिमान की बू अब आ रही, इंसान में। सत्य को दरकिनार कर, जी रहा झूठी शान में।। बहुत बुरा अंत होगा, उन सभी बेईमानों का। खुश होता झूठी शान सुन, इसमे क्या दोष है कानों का।। वक्त के रहते संभल, बरना फिर कुछ हासिल न होगा देर में। चिड़ियां चुन कर उड़ जायेंगी, कुछ खक न होगा खेत में।।

Hindi Poems On Life | 5+ Best जिंदगी पर कविताएँ | Hindi Poetry

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ये लोग शहर के ।। Best poem on life जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? कुछ पाने की चाह में, बहुत कुछ खो रहे। आखिर तेरी चाहत क्या, सोच जरा ठहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। ढूंढ इस भीड़ में, उस गुरु रूपी नाव को। क्यों डूबना भला, इस गहरी नदी में तहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। रुक! उस ओर देख, जो देखता तुझको सदां। तू भूला उसके प्रेम को,यहां भौतिकता में बहल के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। तू माध्यम से मालिक बना, झूठा बहम पाल कर। तुम तो सिर्फ बुलबुले इस बड़ी नदी की लहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। वक्त जिसकी देन है, उसके लिए कहां वक्त है? तू व्यस्त होकर बो रहा, बीज जिंदगी में जहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के...

चारा घोटाला/ chara ghotala best hindi poem

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चारा घोटाला  लालू की पालतू गाय ने लालू को ललकारा, हमे नहीं खाना आपके घोटाले का चारा। मेरे भाई बहिनों का तुमने पेट काट डाला, घोटाले तो कितने हुए तुम्हारे हिस्से में आया चारा। तुम बदनाम कैसे हो गए इस चारे घोटाले में, लोगों ने तोपें तक बेच दी और आ न सके उजाले में। में हैरान हूं यह सब जानकर, तुमसे तो अच्छे हैं हम नासमझ जानवर। हमने कभी आपका पेट नहीं काटा, सूखी घास से ही पेट भरा कभी मांगा नहीं आटा। अब घोटाले के चारे से हमें बदनाम मत कीजिए, गर इज्जत का नहीं है राशन तो हमें आवारा छोड़ दीजिए।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, beti bachao beti padhao

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गजब की विज्ञान गजब के यंत्र बना डाले। बालक खातिर, तमाम बालिका भ्रूण मार डाले।। किसने दिया अधिकार आपको उन्हें मारने का। क्या इतना भी दम नहीं था उन्हे पालने का।। परिणाम तो भोगने होंगे कुदरत का उसूल है। मेरा कोई क्या करेगा यह अहिंकारमय भूल है।। जीवन एक ड्राइंगशीट, जिंदगी रंगीन इमेज है। तूने रंग भी कपट से भरे,क्या खूब दिमाग तेज है।। एक खातिर दूसरी की बलि चढ़ाई शौक से। निर्दोष चीख चिल्लाती रही तेरे भयावह खौफ से।। For read n enjoy more interesting poems, pls visit my website www.hindicteative.in 🙏

Interesting Poem - मर्द को भी दर्द होता है

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#mard #mardkavita #inerestingpoem             यह कविता एक ऐसे शख्स को समर्पित है। जिसने दुनिया में असंभव को संभव कर दिखाया। और अपने दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए, निसंतान अपनी पत्नी के लिए गर्भधारण कर दुनिया के लिए एक मिशाल कायम की। मर्द का दर्द  न पहुंच जाए,किसी को कोई आघात है। खुलकर तो बता दूं,मगर अंदर की बात है।। गर कलम चाहे तो न जाने, क्या क्या लिख डाले। मगर कुछ ज्यादा ही सोचते हैं,कलम से लिखने वाले।। फर्क कुछ ज्यादा हो जाता है,अंदर और बाहर में। जरूर झांक कर देखें,अपने भी यार में।। क्या पता विश्वास की इमारत में कब दरार आए। जिसको वफ़ा समझा जुगों से,वही बेवफ़ा नजर आए।। नहीं कुछ असंभव है आज की सदी में। आलिया नजर आ सकती है आपको गधी में।। आज सवाल उठ रहे हैं मर्दों की मर्दानगी में। नारी बहुत खुश है समलैंगिक शादी में।। प्यार, मोहब्बत,रूठना,मनाना अब इसके लिए वक्त नहीं है। सायद अब नारी को मर्दों की जरूरत भी नहीं है।। सिर्फ नारी ही रहे इस जुग में, गर उसके हो वश में। मर्द बदनाम यूं ही,प्रेमिका भी झूठी खाती है कसमें।। पुरुष तो महान है,क्या नहीं किया नारी...

Best hindi poem - 2023, asmanjas, असमंजस, uljhan - उलझन कविता

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असमंजस मन में एक उलझन है,असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें,अब तो सोचना भी बंद सा है।। किसी का खुदा,भगवान,ईश्वर तो किसी का निराकार सा है। किसी का सर्वस्व ईशु तो किसी का गुरु ग्रंथ साहब सा है।। बहम सब पाले हुऐ जबकि खुदा सबका एक सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मन में एक उलझन है, असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। किसी ने मोछ हेतु कृष्ण को सारी जिंदगी झोंक दी। तो किसी ने पाखंड कर भगवान पर बिज़नेस ही ठोंक दी।। किसी को भक्ति में शक्ति मिली तो किसी की नजर में तमाशा है।। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मन में एक उलझन है, असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मस्त है दुनियां मौज में बस पैसे की भूख है। झूठ की महफिल सझी बस उसी में मसरूक है।। न जाने मजबूरी है या इच्छा बस नजरबंद सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मन में एक उलझन है,असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें,अब तो सोचना भी बंद सा है।।

Motivational Hindi poems- प्रेरणादायक हिंदी कविता। Best hindi poem । Kavita kunji

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     प्रिय दोस्तो ! अपने जीवन में हर व्यक्ति का लक्ष्य निर्धारित कर जीवन को विकसित करना होता है या यूं कहें कि लक्ष्य प्राप्त कर मन में शांति एवं खुशी पाना होता है। मेरी कविताएं कहीं न कहीं इस मार्ग में आपको प्रेरित कर आपको लक्ष्य तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होंगी। लक्ष्य अपने आप को जानो अपनी कमियां ढूंढ सुधार करो। लक्ष्य का पथ मुश्किल हो सकता असंभव नहीं स्वीकार करो।। चल उठ फिर से मत द्वंद पाल, इन बहानों को दर किनार करो। तेरे अंदर जो छुपी हुई उस शक्ति का आह्वान करो।। कोई उम्र नहीं वीरों की होती अपनी शक्ति से प्यार करो। करने के लाखों उपाय मिलेंगे बस अपने को तैयार करो।। सब खेल है इच्छाशक्ति का उठ वीरों सा श्रृंगार करो। जो बुझी पड़ी चिंगारी है उसे फूंक अंगार करो।। घनी समस्या हैं सबकी मार छलांग इन्हे पार करो। शेर की भांति पीछे हटकर पूरी शक्ति से बार करो।। ”धर्मेंद्र” धर्म के पथ पर रहकर नैतिकता स्वीकार करो। कोई कितना भी लालच दे तुमको तृष्णा का इंकार करो।। अपने आप को जानो अपनी कमियां ढूंढ सुधार करो। लक्ष्य का पथ मुश्किल हो सकता असंभव नहीं स्वीकार करो।। ******************...

20+ बच्चों के लिए कविताएं - Hindi Poems for Kids

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         प्रिय पाठको आप सब जानते हो कि बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए मुख्यरूप से मातापिता जिम्मेदार हैं। इसके लिए मातापिता की देखरेख में बच्चों को चार स्किल पर काम करना होता है। ये स्किल हैं:-1. सुनना 2. देखना 3. पढ़ना और 4. समझना लेकिन इसके अलावा मल्टीस्किल पर ध्यान देकर बच्चों का चहुमुखी विकास कर सकते हैं। इसके लिए हमें मुख्यरूप से एक काम करना होगा, बच्चों को कविताएं सुनाकर उनकी समझ को बढ़ाना। यहां पर कुछ कविताएं बच्चों के बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए पेश की गई हैं। कंप्यूटर जी / hindi kavita computer par/ best hindi kavita कंप्यूटर जी कंप्यूटर जी तुम हो बड़े महान, नहीं आपके हाथ पैर और नहीं आपके कान। नहीं आप मानव लगते हो नहीं आप में जान, फिर भी झट तुम कर दिखलाते बड़े बड़े से काम। नहीं आप अभिमान दिखाते नहीं दिखाते शान, बिन खाए तुम कैसे जीते क्या तुम हो भगवान। मैं तुम से इक बिनती करता करदो मेरा काम, पापा की तुम शराब छुड़ाओ वो पीते जाम पे जाम। चाय पानी का खर्चा बोलो बोलो और डिमांड, ये काम चुटकी में करदो चाहे कितने भी ले लो दाम। पीछे से पापा ने देखा बड़े ...

असफलता से सीख, asfalta se seekh /safalta kaise payen, सफलता कैसे पाएं - कविता कुंजी

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    आज हमारे बच्चों की आधुनिक जीवन शैली में तनाव आने के कारण उनकी मानसिकता संकुचित होती जा रही है। जिससे सहनशक्ति में वृद्धि के बजाय गुस्सा अधिक आना आमबात हो गई है। मेरी असफलता पर कविता हिंदी में, बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत होगी। निश्चिततौर पर बिद्ध्यार्थी असफलता से सीख लेकर असफलता से सफलता की ओर अग्रसर होंगे। आशा है प्यारे बिद्ध्यार्थियों को असफलता पर कविता हिंदी पसंद आयेगी और उन्हें प्रेरित कर उनके लक्ष्य तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होंगी। असफलता निराशा नहीं, बीते कल से सीख है। जो कल गलती बनी, आज सुधार कर, कल निश्चित तेरी जीत है।। मत कोस अपनी संभावनाओं को, यह तो तेरी मीत है। गिरकर उठना बच्चों से सीखो, यह तो कुदरत की रीत है।। क्या भूल गए अब तक कितनी बार गिरे हम, गिरे सैंकड़ों बार उठे हम अंतः पाई जीत है। गिरने वाला ही उठता है, यह परमपिता की नीति है।। असफलता निराशा नहीं, बीते कल से सीख है। जो कल गलती बनी, आज सुधार कर कल निश्चित तेरी जीत है।।

जोरू का गुलाम/joru ka gulam Hindi kavita/ best hindi poem

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जोरू का गुलाम एक दिन एक बच्चा गुस्सा होकर बोला, पापा हम लोगों के बहुत ताने सहते हैं। आज आपको बताना होगा, जोरू का गुलाम किसे कहते हैं? जोरू की ही नहीं बेटा, गुलामी जरूरी है इन तीन की। जीवनपर्यंत गुलामी करें, जर, जोरू और जमीन की।। इन पर आंच न आने दें चाहे जान जाए। इनको टच करने से पहले, उंगली नहीं पूरा हाथ काट दिया जाए।। ये तो इंसान की तरक्की की खान हैं। जोरू का गुलाम बताने बाला, खुद भी बहुत बड़ा गुलाम हैं।। ये तो हमें तुम्हारे दादा, परदादा ने सिखाया। दादा ने दादी की गुलामी कर यहां तक पहुंचाया।। देखा नहीं तुमने दादा से काम बिगड़ने पर, दादी कैसे खींचती थी। पास बिठाकर दादा के कैसे कान ऐंठती थीं।। बेटा नाराज न होना किसी के ताने से। गर्व महसूस कर जोरू का गुलाम बताने से।। जिसके जोरू होगी उसे मजा पता है गुलामी का। जिसे नफरत है जोरू से, वे तांकते हैं दूसरों की और खाते है बेईमानी का।।

Best 10+ Gazals - मशहूर गज़लें

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मायूस जिंदगी क्या नहीं है पास तेरे है परेशान क्यों? आज कर दिया मशीनों ने हर काम तेरा सुलभ, फिर भी बेवजह लगती है थकान क्यों? जिंदगी तो संघर्षों का संगम है ऐ ‘धर्म’। ये तो एक खेल है तू हैरान क्यों? पुरानी रिश्म रिवाजों को तू आज भी जकड़े बैठा है। फिर भी आज ज़माने में है बदनाम क्यों? दर्द की फरियाद को कोई नहीं सुनता यहां। आखिर बहरे हो गए हैं सबके कान क्यों?    ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐                  अफसोस जब हो गया है पर्दाफाश तो फिर नकाब कैसा? जानबूझ कर ढाए सितम तो अब पछताव कैसा? प्यार में गम देना अदा है तुम्हारी। तो अब अश्क बहाकर यह अफ़सोस कैसा? आज ज़माने में सरेआम हुआ राज ए गुप्तगू। उठ चुके नकाब सारे ,अब है दोष किसका? नादां धर्म प्यार की रस्में निभाता रहा। बेवफा को वफ़ा समझा है मदहोश कैसा? ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐    दिल की बोली हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्यार की निशानी गिरवी न रखने देंगे।। मानते हैं दर बदर तुम ढूंढते हो अब हमें। पर अपने दर पे बेवफा तुझे झांकने न देंगे।। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्...

hindi 50+ Best Childhood Memories Quotes In Hindi - बचपन की यादें

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Yaadein - यादें कभी सोचा है, याद क्या है? और ये क्यों आती है। कितने भी बहाने बनाकर टालो इसे, मगर और ज्यादा सताती है।। यकीनन याद भी अजीब सी प्रतिक्रिया है, कोई तो बताए, इसे भुलाने का क्या जरिया है। इसकी मीठी चुभन वैसे दिल को बहुत भाती है, कभी सोचा है, याद क्या है? और ये क्यों आती है।। शायद कोई भी न जीव याद से अछूता होगा, गर होगा भी तो ए – खुदा वह कैसे जीता होगा। ये याद ही तो जीने को मजबूर कराती है, कभी सोचा है, याद क्या है? और ये क्यों आती है। तेरी यादें – मुरादें न होती न पीता, कमबख्त इस जिंदगी को आखिर कौन जीता।। दूर होकर भी पास का अहसास कराती है, कभी सोचा है, याद क्या है? और ये क्यों आती है।। इसकी मीठी चुभन वैसे दिल को बहुत भाती है, कभी सोचा है, याद क्या है? और ये क्यों आती है।।

Political Poems

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बिल्ली की हेकड़ी  दिल्ली के चिड़ियाघर में, एक घटना देखने में आयी। इंडियन बिल्ली चीनी तेंदुए पर घुर्रायी।। बंदी तेंदुए को उसने खरी खोटी सुनाई। तेंदुए को अपनी मर्दानगी पर शर्म आयी।। मौका पाकर भारती की तरह बोलती गयी। उल्टा तेंदुए को माफी मांगने को कही।। तेंदुए की समझ में यह रास न आया। आखिर क्यों बेवजह मुझे जा रहा डरा धमकाया।। आखिर आज राज कुछ और था। बिल्ली का कटघरा अमेरिकन शेर के पास था।। उसके ऊपर शेर का हाथ था। पाक-चीन की राजनीति का पर्दाफाश था।। बोली तेरा मूक रहना फिलहाल अच्छा है। मेरे पास आज शक्ति की समुचित मात्रा है।। धमकी सुनकर तेंदुए ने इंग्लिश के बोले वर्ड। “यू आर कैट डोंट फॉरगेट आइ एम लेपर्ड” इंग्लिश सुनकर बिल्ली शरमा गयी। तुरंत नियंत्रित होकर गरमा गयी।। तू मुझे मत समझ बिल्ली मेरी बहुत दूर तक पहुंच है। मैं गट्टी हूं तो क्या तेरी पूंछ जितनी लंबी मेरी मूंछ है।।

Sharabi - hindi - kavita l शराबी

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यह कविता एक ऐसे शराबी व्यक्ति को समर्पित है जो एक दिन मित्रों की पार्टी में कुछ लिमिट से ज्यादा पेग पी लेता है। बाद में जब नशा अपनी चरमसीमा पर आता है। और ज़मीन घूमती हुई नजर आती है। तो वह ‘शराबी-अंदाज़’ में भगवान से जो प्रार्थना करता है। उस प्रार्थना को यह कविता बयां कर रही है। आज मुझे बचाले पिला गया वह साला। कल से नहीं पियूंगा मैं शराब का प्याला।। उसने खुद कम मुझे ज्यादा पिलाई। हर पेग पीने को उनकी सौगंध दिलाई।। ऐसा हर शराबी का बयां होता है । पीने के बाद दुनियादारी का ज्ञान होता है।। इसी घटना वाबत कल अचानक आया फोन। मिस्टर ‘यादव’ “योर बेस्ट फ्रेंड एक्सपायर” प्लीज कम सून।। जब मैं वहां पहुंचा तो अलग हाल था। मेरा दोस्त नशे में बेहोश और बेहाल था।। मैंने कहा दोस्त यह क्या माजरा है। तू हो गया पागल, पागलखाना आगरा है।। तुरंत उठाकर उसको ले चले आगरा। जिंदा पर ही कफन का उड़ाया चादरा।। रास्ते में जैसे ही रामबाग आया। गाड़ी रुकवाकर वह जोर से चिल्लाया।। बोला अरे! मेरे यारो, कुछ याद आ रहा है। शायद आगे ठेका देशी शराब आ रहा है।। ज्यादा नहीं एक ठर्रा बोतल लूंगा । कर्म खराब रहे अपने, खुदा को रिश्वत दूंगा।।

Best Hindi Poem On Life - जिंदगी जीने का अंदाज एक खास कविता

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जिंदगी जीने का अंदाज किसी की खामोशी को कमजोरी में ना आंको। कीचड उछालने से पहले अपने गिरेबान में भी झांको।। हर आदमी अपने ढंग से जी रहा जिंदगी। कोई बेशर्मी में खुश तो किसी की अड़चन शर्मिंदगी। गजब की दुनियां है कोई अपने दुख से दुखी। तो कोई दूसरों के दुःख से सुखी ।। यहां जो भी मिलेगा डबल रोल का खिलाड़ी। दुश्मन पर एयर स्ट्राइक भी होगी, तो कभी कोरोना पे बजेगी थाली।। सबका अपना अपना मूड,अपना अपना अंदाज़। हर किसी की जिंदगी में कोई ना कोई राज।। बस जरूरत है खुश रहने की, खुद में खुशी ढूंढ़े। नित्य ध्यान प्राणायाम से सफलता की चोटी छुलें ।।

ट्रेनिंग हिंदी कविता/best hindi poem on training/motivational poem/kavita kunji

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ट्रेनिंग ट्रेनिंग ही तो लक्ष्य भेदन की, असली तालीम होती है। बिना ट्रेनिंग के कहां, सफलता अचीव होती है।। मगर हमारी ट्रेनिंग में, गजब की बात होती है। हम जहरीले तब और होते हैं , जब मौसम खराब और अंधेरी रात होती है।। शायद हम उस बजरंग वली जैसे हैं, जिसे अपनी ताकत का आभास नहीं। वैसे हम जिनके पास होते हैं, उन्हे और किसी की आस नहीं।। हम चीरते आसमां, असीमित ज़मीन नापते हैं। जो देखते हमें तिरछी नजर से, वे हमारी रूह से कांपते हैं।। हम पानी हैं पवन हैं, और सुलगता शोला भी समझो। मदद के लिए मरहम, न तो मिसाइल का गोला भी समझो।। ना जिद करें हमें पहचानने की, हम तो सोच से परे हैं। जहां लोग बुरी तरह थके पड़े हैं, हम वहां से मिशन पर जाने को खड़े हैं।। दोस्तो हम कुछ और हैं, इंसान के भेष में। एक ही लक्ष्य हमारा, तिरंगा फहराता रहे सम्मान सहित देश में। ।

नौकरी में चापलूसी नहीं, कर्तव्यनिष्ठा ज़रूरी है | दमदार हिंदी कविता | कविता कुंजी

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गुनाह गर वो करें, तो सब क्षमा -ए- भूल समझें। हुक्म को तोड गर आगे बढ़ें, तो उन्हें मजबूर समझें।। वे जो चाहें सो करें, और बेखौफ करते रहें। हमारी छोटी भूल भी, गुनाहों में गिनते रहें।। क्या गजब की कूटनीति, दुतरफा दगा -ए- खेल है। किसी के दोनों हाथ घी में, तो किसी का तेल है।। हम सीधे साधे चले, इस जिंदगी की राह में। हम भी नंबर वन बनें, मेहनत करी, इस चाह में।। मगर यहां मेहनत नहीं, चापलूसी का गेम है। हमने लस्सी दी बॉस को, मगर उसे तो पसंंद जैम है।। बस सुबह से शाम ही हुई, कि बॉस भी बदले नज़र आए। जिस पर हक़ था हमारा, वहां कोई और नजर आए।। आज लगता है शराफ़त गई तेल लेने, सिर्फ झूठ का सहारा है। मेहनती खाता टुकाई और हरामी तारीफ पा रहा है।।

नवयुवक कविता/best poem on youngester/newgeneration hindi poem/kavita kunji

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नवयुवक जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है। न घर में जोर किसी का है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।। कुछ बोध अधूरा सा रहता, ऊर्जा में ओतप्रोत रहता। फिर भी बल बुद्धि से कच्चा है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।। जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है। नई नई जवानी, नवयुवक, हर रोज़ बदलता नए लुक।। मोहब्बत का नशा भी कम नहीं है, दुनिया से लडने की दम नहीं है।। प्यार का शोला है दिल में,पर दिल तो तेरा कच्चा है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है। जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है।। है जीवन की यह अजीब मोड़, आगे बढ़ने की लगी होड। है जज्जवा दिल में कुछ करने का, मत बहक न बन, मोहरा छलने का।। नवयुवक तू दिल का सच्चा है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।। जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है। न घर में जोर किसी का है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।।

Chaplusi Chhodo, Kartavya Nibhao | Powerful Hindi Kavita

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चापलूसी आज सांप बेरोजगार हो गए , क्यूंकि आदमी काटने लगे। ये देख कुत्ते भी अचंभित है , कि तलवे आदमी चाटने लगे। तुच्छ स्वार्थ वास्ते कितना गिर गया इंसान, घर की इज्ज़त को बॉस के सामने बिछाने लगे। दोस्त की परिभाषा दूषित सी हो गई, आज दोस्त भी दूसरा मुखौटा लगाने लगे। चुगली की परंपरा तो वर्षों पुरानी है, पर आज मर्द भी इस परंपरा को बख़ूबी निभाने लगे। मुश्किल है सत्य और झूठ में भेद जानना, विश्वास की चासनी से झूठ को सत्य ठहराने लगे। समाज की जड़ें खोखली आज होती जा रहीं, खुद के बच्चे संभलते नहीं पर देश को समझाने लगे। घर में भी सुरक्षित नहीं रहे ‘धर्म’ आज, घर में ही आस्तीन के सांप नजर आने लगे।

सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कविताएं, best poem, वक्त का पहिया - waqt Ka pahiya।। Tanashahi

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तानाशाही जवानी के शहंशाह, बुढ़ापे में लाचार देखे, बड़े बड़े तीरंदाज भी, हमने तारतार देखे। गर्व था जिन्हे अपनी हुस्न ए जवानी पर, ऐसे लोगों के भी हाल, बेहाल देखे ।। दौलत थी बेशुमार, खरीद सकते थे हिन्दुस्तान को, ऐसे लोग भी चौराहे पर, कटोरे के साथ देखे। कुछ लोग मर्दानगी, औरतों पर दिखाते रहे, ऐसे मर्द भी औरत के आगे लाचार देखे।। कभी चमड़े के सिक्के जिन्होंने दुनिया में चलाए, वे लोग भी गिड़गिड़ाते, सालोंसाल देखे।। ये वक्त का पहिया है, निरंतर घूमता रहता सदां, तभी तो जो कभी कंगाल थे, वे आज मालामाल देखे।। ************************** औरत जिसके खातिर बनाई गई हूं, उसी के द्वारा सताई गई हूं। जब भी जरूरत पड़ी जो किसी को, मैं सोए में अक्सर जगाई गई हूं।। हवस की निगाहों से सबने देखा , जब भी बाजार से आई गई हूं। जब भी महफ़िल सजाई किसी ने , चटाई समझ के बिछाई गई हूं।। जिसने खुश रखने का दामन जो थामा, उसी के द्वारा रुलाई गई हूं। क्यों मैं शिकायत करूं जो किसी से, खुद अपनों के द्वारा सताई गई हूं।। धंधे की गुणवत्ता छूपाने के वास्ते, नुमाइश का हिस्सा बनाई गई हूं। गुनाह सिर्फ मेरा औरत जो होना, यही जलील देके चुप करा...

सब्र - Sabr Patience - kavita kunji

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सब्र सब्र कर बंदे ये दिन भी गुजर जायेंगे।   हंसी करने वालों के चेहरे उतर जायेंगे।।  यूं दिल को दुखा मत उनकी वजह से। आखिर तुझे छोड़ वो किधर जायेंगे।। हंसी करने वालों के चेहरे उतर जाएंगे। सब्र कर बंदे…….   कब तक जुल्म ऐसे ढाते रहेंगे। किस हद तक बेरहम सताते रहेंगे।। तू शिकायत उनकी मत कर किसी से  वे खुद व खुद जालिम सुधर जाएंगे।। हंसी करने वालों के चेहरे उतर जाएंगे। सब्र कर बंदे…….  तू अकेला ज़माने से क्या लड़ सकेगा। जो तेरे अपने है उनका तू क्या कर सकेगा।। ज़ख्म देकर भले बनना, है काम उनका। मगर ये शख्स खुद व खुद सुधर जायेंगे।। हंसी करने वालों के चेहरे उतर जाएंगे। सब्र कर बंदे…….

हिंदी कविता सच्चा संत वही होता है | Hindi Kavita Sachha Sant - kavita kunji

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संत और राजनीति  संतों की गरिमा को यह सरासर ठेस है। राज भोग ही करना है तो क्यूँ सन्यासी का भेष है।। मानते हैं कलयुग में सब सरासर जायज है। सत्य का मर्डर हुआ धर्म अपाहिज है।। सत्यबाणी, मुक्ति, मोक्ष, संतो का कार्य है। बर्ना राजनीति में संत?. इसमें झूठ तो अनिवार्य है।। सब कुछः इस कलयुग में उल्टा ही उल्टा है। कर्म , धर्म, संयम पर सिर्फ यादव ही टिका है।। कुछः लोग सक्ति हीन करते हैं, हमें भावना में बहाकर। बर्ना सक्ति प्रदर्शन द्वापर में भी दिखाया गोवर्धन पर्वत को ऊंगली पर उठा कर।। (नोट : इस कविता का भाव किसी की ब्यक्तिगत छवि को ठेस पहुंचाना नहीं है, और यादव शब्द का इस्तेमाल भगवान श्री कृष्ण के पक्ष में किया गया है।)

वीरता हिंदी कविता/best hindi poem on veerta/best motivational poem on veerta/kavita kunji

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          HindiCreative.in की कविताएँ  कट पेस्ट वाली कविताएँ न होकर सच्ची /यूनीक कविताएँ होती हैं, जिन्हें समझने के लिए पाठक को थोड़ा सा अपना बहुमूल्य समय और बुद्धि दोनों खर्च करने होंगे। इसी श्रंखला में आज एक और वीर रस का भाव लिये नयी  कविता ।       वीर रस में कविता परिस्थिति से मुँह मोड़, आज क्यों उदास बैठे हो।  धिक्कार आपको, खुद को वीर शिवाजी कहते हो।।  वीर हो तो वास्ता रखो जंग से।  न तो पाकिस्तान जाओ, भारत में क्यों रहते हो।।  बुजदिलों की जगह कहाँ मेरे हिन्दुस्तान में।  जीना है तो जिओ शान से, न तो हिन्दुस्तानी क्यों कहते हो।।  गर्व की बात है पैदा होना हिन्दुस्तान में।  यह देश है श्री राम का जिस देश में तुम रहते हो।।  यहाँ मर्द नहीं नारियों ने भी, जौहर कर दिखाए।  जिन्हें पद्मिनी, दुर्गावती और झाँसी की रानी कहते हो।।  हर वक्त हर दफा है प्रथम स्थान देश का।  इस लक्ष्य के साथ जीता है जो, तुम उसे वीर सैनिक कहते हो।  अपनी जान की न परवाह इसे न मोह परिवार से।  जान देता...