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Chal Uth Balika! Aaj Har Balika Ko Maa Kali Banane Ki Zarurat | Veer Ras Hindi Kavita

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  चल  उठ बालिका! माँ काली बनकर दरिंदों का संहार कर | वीर रस हिंदी कविता | कविता कुंजी   #KavitaKunji #VeerRas #viralKavita #BestPoem         यह कविता जून 2026 में राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के साथ हुई अमानवीय और जघन्य घटना से व्यथित होकर लिखी गई है।          यह कविता उस साहसी बेटी तथा ऐसी हर बेटी को समर्पित है, जिसने अन्याय, हिंसा या दरिंदगी का सामना किया है।       यह रचना समाज को जागरूक करने, बेटियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने और अन्याय के विरुद्ध साहस, एकजुटता तथा न्याय की आवाज़ बुलंद करने का एक विनम्र प्रयास है। चल उठ हिम्मत जुटा बालिका, दुनियां को आज दिखा दे तू। दानव के वंशजों के खातिर, मां काली  रूप बना ले तू। त्रिशूल उठा खंजर को घोंप, दरिंदों की लाश बिछा दे तू। बढ़ती पीढ़ी महिषासुर की, पूर्णविराम लगा दे तू। त्राहिमाम जब देव पुकारें, करती रक्षा उनकी तू, महादेव भी थर थर कांपे, जब बनती शेर वाहिनी तू। कलियुग में नहीं सुरक्षित नारी, दरिंदों को सबक सिखा दे तू। आज 'चंण्ड ...

Viral Kavita: 🔥 “जब वर्दी भिड़ गई वर्दी से!”

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 #kavitakunji, #viralkavita 🔥 Picture Abhi Baaki Hai | जब सेना बोले, राजनीति क्यों डोले? | वीर रस हिंदी कविता 🇮🇳  बात सेना की न होती, तो राजनीति इतनी गरम न होती। बिल्ली शेर को आंख दिखाए, यह भी तो बात हजम नहीं होती।। आज दीवान जी पिट गए, तो क्या नया काम हो गया। इतनी छोटी सी बात पर, जम्मू जाम हो गया।। शुक्र है पीट कर छोड़ गए, बरना कुछ और कर जाते। शांति से काम लिया, न तो हथियार निकल जाते।। धैर्यवान था वह सैन्य अधिकारी, जिसने धैर्य से काम लिया। बरना दो चार तो खाकी वाले, बेवजह निपट जाते।। पूछने पर सेना की प्रतिक्रिया आई। कि जब हमारा मेजर पिटा, तब किसी ने न आवाज उठाई।। कभी जवान पिटा, तो कभी सेना की वॉट लगाई। पुलिस की मौजूदगी में, कुछ गुंडों ने ब्रिगेडियर साहब के साथ की हाथापाई।। आज छोटी सी बात पर, इतना शोर शराबा क्यों? यह तो झांकी है। ध्यान रहे सेना से पंगा लिया, तो पिक्चर अभी बांकी है।।

किसी का गुलाम नहीं | Royal Attitude Shayari in Hindi | दमदार स्वाभिमान की कविता

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गलतफहमी में मत रहना दोस्त 🔥 गलतफहमी में मत रहना मेरे दोस्त, हम सिर्फ चहरे से शरीफ लगते है। हमारे नाम से ही मेरे दोस्त, तेरे जैसे रास्ता बदलते हैं।। Listen on YouTube @kavitakunji ✒️ कविता कुंजी ✒️ पाप के पुलिंदे बांध रहे हम, सच्चाई को झूठ से ढांक रहे हम।। जी रहे हकीकत को नज़रअंदाज़ कर,  ज़िंदगी निकली जा रही, जान रहे हम।। ***************** इतिहास लिखने वालों की खामोश कहानी  हर राज छुपा कर दिल में रखो, जब तक मंजिल पा नहीं जाता। दुनिया हँसती रहती है, जब तक इतिहास लिखा नहीं जाता। Listen On YouTube खामोशी की ताकत 😶🔥 | Attitude Shayari That Hits Different @kavitakunji  खामोशी को हथियार बना लो, शब्दों से शोर मचाना क्या, जो आग लगी है सीने में दुनियां को इसे बताना क्या। Listen On YouTube

Dharti Bhi Ro Padi | Nasha Pyar Ka Nahi Haiwaniyat Ka | Bolti Kavita

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 “धरती भी रो पड़ी” 🔥 Nasha pyar ka।। नशा प्यार का आज एक दरिंदे ने कलियुग में ऐसा कुक्रत्य किया, घटना इतनी भयावह थी कि खुद धरती ने तांडव नृत्य किया। दिन दहाड़े मासूमियत रौंदी गई, नहीं किसी ने रोका उसको, उठा उठा के फेंक रहा था नहीं किसी ने ठोंका उसको। डेढ़ साल के इस बच्चे का आखिर क्या दोष रहा होगा, पटक पटक के मारा उसको, कैसे दर्द सहा होगा। चीखा होगा, रोया होगा, पर विरोध नहीं कर पाया होगा, देख मासूमियत उस बच्चे की, हे!मानव क्यों नही दहलाया होगा। उठा-उठाकर फेंका उसको,जैसे वो कोई चीज़ रहा, धरती काँपी, अम्बर रोया, मानव कितना नीच रहा। चीखें उसकी मंदिर पहुँचीं, मस्जिद तक फरियाद गई, जब बच्चे की टूटी साँसें, मानवता शर्मसार हुई। जब मां को पता चला होगा तब क्या मां पे बीती होगी, दुख के महासागर में मईया कैसे जीती होगी। देख लाल का विकृत चेहरा मईया कितनी रोई होगी, बिना लाल के सूनी छाती, नहीं रात को सोई होगी। देख लाल के खेल खिलौने मईया का दिल टूट रहा, कोस रही भगवान को बैठी क्यों तू मुझको लूट रहा। गूंज रही है मेरे कान में मेरे लला की किलकारी, फिर से चक्र घुमा दे कान्हा, न बच पाए वह अत्याचारी। Liste...

Attitude Shayari in Hindi । झुकना हमारी फितरत नहीं।

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Two lines shayari।। दो लाइन शायरी जिंदगी की जो कमी मरते दम तक न निकली, इतनी थी तंग दस्ती कफन की जमी निकली।   जनाजा जब मेरा निकला तो पार्टी भी सूनी निकली, और करबलों ने कब्र खोदी तो पत्थर की जमीं निकली।   थके प्राण मरघट में दम लिया करते हैं,   और आज तक हमने यही अंजमाया है कि जिनसे मिली खुशी वे गम दिया करते हैं।   जैसा हम सोचते हैं हर कोई वैसा नहीं होता। हर इंसान एक जैसा नहीं होता।। जिसके पास हौसले हैं उड़ान भरता है। और हरामी सिर्फ शिकायत करता है।। सच्चा दोस्त वह जो गलत काम से बचाए, संकट में साथ दे, सही राह दिखाए। -कविता कुंजी पत्नी की पहचान विपत्ति में, भाई की, संकट आने पर। बहिन बने बच्चों का सहारा, भाभी के मर जाने पर।। बेटे की, परख बुढ़ापे पर,  बेटी की, मर्ज सताने पर। दोस्त की, घोर गरीबी में, मां बाप की, बच्चों को सफल बनाने पर।। -कविता कुंजी दुश्मन मिले सबेरे सबरे मतलबी यार न मिले, औरत गोरी हो या काली सर्वथा नारि न मिले। -कविता कुंजी अगर मिलकर चोट दी तो हम भी वार करेंगे, "यादव" हैं कम से कम 12 साल तो याद रखेंगे। -कविता कुंजी दिल तोड़कर क्या ...

आज माँ की ममता हार गई | Maa Ki Mamta Hindi Kavita | Heart Touching Emotional Poetry

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      आज मां की ममता हार गई #कविताकुंजी #kavitakunji बेटे की जान बचाने को,  मां ने अथक प्रयास किए होंगे। बेटे की खातिर मां ने यम से,  दो दो हाथ किए होंगे।। बेटा ना डूबे जल में,  दम घुटने तक घूंट पिए होंगे। भगवान को दया नही आई, उसने निश्चित पैर छुए होंगे।। आखिर एक मां की ममता हार गई, पर भगवान को तरस नही आया। ऐसी क्या मजबूरी थी, जो रब तू उसे नहीं बचा पाया।। ----------- -------- ----- --- -- -

अनोखी कविताएं।। Anokhi Kavitayen

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शिक्षक Listen On YouTube शिक्षक ही असली भगवान है 😢❤️ | दिल छू लेने वाली कविता | Teacher Poetry शिक्षक गुरू है दोस्त है माता पिता है, शिक्षक और भी बहुत सारे रोल करता अदा है। अगर हमारे बच्चे सुंदर इमारत हैं, तो शिक्षक उसकी आधारशिला है। हर बच्चे में उसकी जान हैं हर बच्चे पर फिदा है, शिक्षक प्रेम है ज्ञान है सर्वसुधा है। शिक्षक धैर्य है, तेज है सचमुच में वह खुद ही खुदा है,  शिक्षक गुरू है दोस्त है माता पिता है। Listen On YouTube ********************** मृत्यु एक सत्य है।। Mratyu ek satya hai मृत्यु एक सत्य है' तो सत्य को स्वीकार लो। मृत्य निश्चित है सभी की, जीवन सुधार लो।। दूसरों का दिल दुखा के जिए भी तो क्या जिए। वह मौन है आज अनुकूल समय के लिए।। पथभ्रष्ट हुई मनुष्यता निज स्वार्थ  के लिए। नहीं रह गया है धनी आदमी,अपनी बात के लिए।। सत्य का कत्लेआम करती दोगलों की एकता। विश्वास की धज्जियां उड़ाते चंद स्वार्थ के लिए।। आम हो गया सॉरी बोलना बात बात के लिए। मित्रता हुई कलंकित विश्वासघात केलिए।। मुश्किल हुआ है ढूंढना विश्वासपात्र अब यहां। हैवान बन चुका इंसान, खुद इंसान के लिए।। ***********...

सैनिक की पत्नी का छलकता दर्द।।The overflowing pain of a soldier's wife

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❄️🌙 ग्लेशियर में तैनात फौजी की पत्नी की व्यथा 🌙❄️ झूठ बोल रोज़ दिल बहला रहे, खुद तकलीफ़ में हो, और हमें हँसा रहे। आख़िर तुम हो कहाँ, सच क्यों नहीं बता रहे, हर बार “मैं ठीक हूँ” कहकर बात घुमा रहे। हाल-चाल बताने में कुछ तो छुपा रहे, तुम्हारी चुप्पी से ही, सारे राज खुल जा रहे। व्हाट्सएप की डीपी में जबरन मुस्करा रहे, आंखों में छलकते प्यार से, हम सबको रुला रहे। कड़ाके की ठंड में चार बजे उठ जा रहे, बर्फ में मेरे पिया कैसे जीवन बिता रहे। वहां तो धरा के पंछी भी, जाने से घबरा रहे, देश की खातिर ए 'धर्म', तुम क्या क्या सह जा रहे। सुना है हालत देश के दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे, बच्चे रोज पूछते हैं मम्मी! पापा कब आ रहे? क्या बताऊं मैं उन्हें महीने गुजरते जा रहे, कमबख्त मोबाइल से बच्चे बिगड़ते जा रहे। पड़ोस वाले गुप्ता जी रोज बच्चे घुमा रहे, हमारे घर के सामने रोज ठुमक्के जा रहे। ऊपर से हमें उल्टा ज्ञान का पाठ पढ़ा रहे, फौजी से क्यों शादी कर बैठी हमें समझा रहे। वाह! गुप्ता जी ढांढस बंधाने के बजाय मेरी हिम्मत हिला रहे, मेरे हमसफर की बदौलत तुम चैन से सो पा रहे। तुम मानते ह...

नया साल ।। Happy New Year

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  @नया साल@ नया साल कुछ यूं आए तो बात बने। जो सोचा है वह हो जाए तो बात बने।। बिन इंतजार तू मिल जाए तो बात बने। खुशियों से दिल भर जाए तो बात बने।। कम मेहनत से फल मिल जाए तो बात बने। मन भक्ति में लग जाए तो बात बने।। संयम जीवन में आ जाए तो बात बने। गर कृपा तेरी हो जाए तो बात बने।। धैर्य में दृढ़ता आ जाए तो बात बने। तेरी दया दृष्टि हो जाए तो बात बने।। हर साल हमेशा नया साल यूं आता है। अब निर्मल मन हो जाए तो बात बने।। #कविता कुंजी #धर्मेंद्र यादव

ऑपरेशन सिंदूर।। हिंदी पखवाड़ा

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हिंदी पखवाड़ा।। ऑपरेशन सिंदूर  Op Sindoor: Hindi Pakhwara  भारत के बीर सपूतों की, तू गाथा फिर से भूल गया। यहां स्वाभिमान के लिए भगत सिंह, फांसी फंदा झूल गया।। तू पहलगाम में धर्म पूछकर, कृत्य घिनौना कर बैठा। पत्नी के आगे पति मारा और पिता मरा सम्मुख बेटा।। तूने मोदी जी का नाम लिया, और भारत मां को दी गाली। फिर यहां ब्योमिका और सोफिया, प्रकट हुई दुर्गा काली। तेरा कायर दुष्ट कमीनापन ये सारे जग में फेल गया। तू सरहद पर हमें ताक रहा, राफेल आसमान से पेल गया।। न सरहद पार करी हमने, ना कानों कान की खबर लगी। तू अब्बा अम्मी चिल्लाया, जब छाती पर तेरे बम गिरी।। बोफोर्स मिजाइलें गूंज रहीं, और नृत्य सुखोई का देखा। राफेल ने चौकड़ी भर भर कर, बॉम्बो को निशाने पर फेंका।। कश्मीर की सरहद पर रजनी में, चांदनी चौक सा लगने लगा मुल्ला मुनीर शाहबाज को लेकर, यू एस ए को भगने लगा।। नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त हुए, लाहौर की जड़ें हिला डाली। तरस आ रहा था तुझ पर, तेरी जनता तुझे दे रही गाली।। दो दिन का झटका-न-झेल सका, तू ट्रंप के पैर पड़ा जाकर। आज खुली चुनौती भारत की, कोई लड़े सामने से आकर।। यह नया भारत है मोद...