कोरे अक्षर नहीं, वीरों का इतिहास है हिंदी 🇮🇳 | Hindi Pakhwara Joshili Kavita
हिंदी पखवाड़ा पर ऐसी कविता कि पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा 🇮🇳 | हिंदी से सच्चा प्यार करें #Hindi Pakhwara #Joshili Kavita #Kavita Kunji गंगा की पावन लहरों सा, बहता जिसमें उल्लास सदां। यह कोरे अक्षर नहीं समेटे, इसने लिखा है, वीरों का इतिहास सदां। जो अपनी जननी भूल गए, वो देश को क्या चलाएंगे। वे अंग्रेजी में गर्व करें बेशक! पर अपनी दादी से कैसे बतियायेंगे।। खैर, शब्दों में ढलकर, भावनाएं आज पैगाम लाएंगी। क्या है राजभाषा हिंदी, सबकी कविताएं बताएंगी।। मंच पर आसीन सम्माननीय निर्णायक मंडल और प्रबुद्ध सैन्य श्रोतागण, आप सबको हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और जय हिंद। एक सैनिक के लिए, देश की मिट्टी और देश की भाषा, दोनों ही उसकी माँ के समान होती हैं। 14 से 28 सितंबर तक, जब हम हिंदी दिवस मना रहे हैं, तो हमें गर्व होता है। कि हमारी राजभाषा हिंदी भी, हमारी सेना की तरह ही मजबूत, ओजस्वी और समृद्ध है। यह सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे देश को, एक सूत्र में बांधने वाली शक्ति है। इसी फौजी जज्बे और राष्ट्रप्रेम को समर्पित, मैं सब के समक्ष, एक ऐसी कवित...