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Jhoothe Rishte-Naate Ki Sachchai | Heart Touching Hindi Kavita | Life Reality Poetry** ⭐

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झूठे रिश्ते कविता जिंदगी में भाग दौड़ इतनी, आखिर मंजिल का भी कर पता। जिनके लिए तू मर मिट रहा, वे ही फूंकेंगे चिता।। कुछ अपने लिए भी वक्त रख और याद कर असली पता। साथ कुछ न जायेगा, फिर क्यों रहा तू छटपटा।। सब मतलब से घनिष्ठ रिश्ता निभा रहे । तू जान है उनकी वे ऐसा जता रहे । । कभी उनको नजर अंदाज कर, फिर देख तेवर उनके। धरती फट जायेगी, ऐसे ताने सुनोगे उनके।। यह दुनियां रंगमंच है ढोंगी कलाकार हैं। हकीकत पर पर्दा डालकर, देते साक्षात्कार हैं।। रख सत्य को अंधेरे में, झूठ का प्रकाश है। छल कपट फरेब धोखा, यह सब तेरे पास है।। आखिर किसका मद है, जाना अकेला है। क्यों भ्रम में भूला है, यह मायामय झमेला है।। क्या साथ जाना है, समय रहते जान ले। झूठ को कर किनारे, सत्य को पहिचान ले।। सब नौटंकीबाज हैं, झूठे नाते रिश्ते छोड़ दे। "धर्मेंद्र" धर्म के साथ रह कर, सत कर्म पर जोर दे।।

Jeevan Mein Abhinay | Life Reality Hindi Kavita | Motivational Poem** ⭐

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#viralpoem #bestpoemonlife #famouspoem जीवन में अभिनय - Jiwan mein abhinay जिंदगी को युद्धक्षेत्र मानो या प्रयोगशाला। रंगमंच, मंदिर या फिर मधुशाला।। पृष्टभूमि खुद के लिए खुद तय करो। हर रोज हंसके जियो या हर रोज मरो।। कलाकार खुद हो निर्देशक भी आप। निर्माता भी आप, तो फिर क्यों पश्चाताप।। फैसला भी सही गलत का, है आपके हाथ। सत्यवादी बनो या जियो झूठ के साथ।। जांचे, जो सांसे ले रहे हो क्या हैं चैन की। रोल हीरो का है या फिर भूमिका बिलेन की।। कुछ पल ठहरें अभिनय की पड़ताल करें। शिकायतें छोड़ गुंजाइश हो तो सुधार करें।। वैसे जिंदगी में एक बात सामान्य है। कर्मों में बदलाव करें जब भी लगे हानि है।। वरना पछताना तो जिंदगी में आम है। न कोई दुश्मन, न कोई किसी की जान है।।

समय की कीमत।। Value of time।।Motivational poem

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#samay #time #instagram #waqt #kavitakunji #love #motivation #arjun #hindi #poetry  समय की कीमत।। Value of time अनमोल वक्त होता है जग में,              मत समय की मुझसे कीमत पूछो। जो मरणासन्न में पड़ा हुआ है,              सेकंड की उससे कीमत पूछो।। जीवन में जोड़े से  सब कुछ ,             मत दुख आने का कारण पूछो। जो बोया बीज उगेगा बो ही,             मत आम स्वाद का मुझसे पूछो।। इधर उधर भटकन में क्या है,             चुपचाप बैठ नारायण पूजो। खुद जीवन के भाग्य विधाता,             फिर क्यूं लोगों से किस्मत पूछो? सबकुछ दे दो तुम लोगों को,              पर समय देने से पहले पूछो। समय के बदले क्या मिलना है?              इसका उनसे उत्तर पूछो।। गर दया धर्म और परोपकार है,              तो फिर उनसे कुछ मत ...

Motivational poem - फौजी कोर्स।। Fauji

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 Junior leader course। जूनियर लीडर कोर्स

Bachpan best poem।। बचपन दिल को छू लेने वाली कविता

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चैन की सांसे ले आओ #besthindipoem #kavitakunji #viralpoem Listen On Youtube जीवन की आपाधापी में फिर चैन की सांसे ले आओ। सूनी उन गांव की गलियों में फिर से किलकारी ले आओ।। बचपन के वह गुल्ली डंडा, और खेल कबड्डी ले आओ। बहुत खा लिया पीजा बर्गर, चूल्हे की रोटी ले आओ।। अवसाद झलकता चहरे से वो हंसी होठ पे ले आओ। कोई तो समझो दिल की पीड़ा, मां का मरहम ले आओ।। बहुत हुआ भ्रमण शहरों का चौपाल गांव की ले आओ। पेड़ अभी भी होंगे वहीं पर कोई छांव आम की ले आओ।। स्कूल राह की पगडंडी में वह तपती-दोपहरी ले आओ। रस्ते चलते वह खेल ठिठोरी छीना झपटी ले आओ। । महास्साब की वो गुस्सा और मार छड़ी की ले आओ। अंताछरी की हार जीत और बाल सभा भी ले आओ।। ज्ञान समझ की इस बुद्धि में नासमझी को ले आओ। नहीं चाहिए मुझे फेसबुक मेरी मित्रमंडली ले आओ।। छुपाछुपी और आंख मिचौली कंचा कंकड़ ले आओ। जीवन के इस नीरस पल में महत्वाकांक्षा ले आओ।। नहीं चाहिए मूर्त हकीकत वो सपनों के पल ले आओ। जीवन की आपाधापी में फिर चैन की सांसे ले आओ।।

Pakhand ।। पाखंड पर सर्वश्रेष्ठ कविता

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                          पाखंड मां दुर्गा, शिव, कालिका, तो किसी पे हनुमान प्रचंड। चमत्कार के नाम पर, फलफूल रहा पाखंड।। फलफूल रहा पाखंड दक्षिणा मोटी पाते। लुटने के उपरांत बेचारे फिर नहीं जाते ।। इस घटना का जिक्र नहीं किसी को बतलाते। पड़ोसी भी लूट जाए, इलाज चोखा बतलाते।। लुट जाने के बाद पड़ोसी दोनों मन मुस्काते। फिर तृतीय शिकार को ये दोनों देखो कैसे समझाते।। भाई घंणा होता चमत्कार सभी चकित हो जाते। वहां लंगड़ा करता जंप गूंगे से इंग्लिश बुलवाते।। जाके देख दरबार बदल जायेगी काया। हाथ दबाके पड़ोसी का, फिर आंख मार मुसकाया।। गया बेचारा दरबार मिल गया दल्ला फेरी। कटा पांच हजार की पर्ची, अर्जी पहली तेरी।। जाके बैठ गया दरबार खाली कर अपनी थैली। बाबा ने किया चमत्कार लगा दी अर्जी पहली।। आजा रामभरोसे तेरे घर काली छाया। मरने से तीन बार बचा तू, मौत तेरी निश्चित भाया।। गिर पड़ा बाबा के पैर बचा लो किस्मत मेरी। बाबा ने कान मे कहा, मिला! तू हां में हां मेरी।। चटकी बिल्कुल नहीं, न तो फिर होगा भंगड़ा। बाबा के एक इशारे पर बाउंसर आ गया तंगडा।। फिर ...

Spritual Poem । प्रभु की महिमा सुंदर कविता

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 #spritualpoetry #kavitakunji #poemongod प्रभु की कृपा Listen On Youtube मेरी क्या सामर्थ्य प्रभु,  जो लिख पाऊं तेरे बारे में। तू बिद्धयमान हर जगह प्रभु,  तरु धरती चंद्र सितारे में।। सानिध्य तुम्हारा गर मुझ पर,  तो खुश हूं मैं फिर हारे में। हुंकार के पीछे है कृपा,  न तो कहां हौसला हमारे में।। गूंगे भी शास्त्र बखान करें,  पंगु पर्वत चढ़े इशारे में। अज्ञान धर्म की क्या हिम्मत,  जो लिख पाए तेरे बारे में।। तू परे है मानव बुद्धि से,  कहां क्षमता मनुष्य विचारे में। दुर्लभ है तुझको पाना,  तू कैद प्रेम के तारे में।। तू बिद्धयमान हर जगह प्रभु,  तरु धरती चंद्र सितारे में। मेरी क्या सामर्थ्य प्रभु,  जो लिख पाऊं तेरे बारे में।। हर समय तेरी कृपा बरसे,  सुख दुख संकट और लाले में। जो सुख तुझको बिसराऐ,  कर ऐसी खुशी किनारे में।। जिस छण ये दिल तुझको भूले,  आग लगे इस हत्यारे में। बस होठों पे तेरा नाम रहे,  मैं खुश हूं एक निवाले में।। तू बिद्धयमान हर जगह प्रभु,  तरु धरती चंद्र सितारे में। मेरी क्या सामर्थ्य प्रभु,  जो लिख प...

Modi And Yogi - Best Poem on Modi And Yogi

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 #poemonmodi #poemonyogi #bestpoemforkids Listen on YouTube भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन? आज चर्चा में है चुनाव भारत का, सारे देश हैं मौन चाइना पाक से पूछ रहा, भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन।। पाक ने बोला हिंदू छोड़ो, खान भी चाहता चाय बेचने वाले को। भारत फिर से लायेगा, उस छप्पन इंची वाले को। फि र से हवाएं टाइट रहेंगी, मोदी की गारंटी से पीओके पर नजर है उसकी, ले लेगा वह लाठी से।। चाइना तेरी खैर नहीं, तेरे ऊपर बादल पीले से। सावधान, मोदीयोगी से, ये देते, जोर का झटका धीरे से।। जो कहता है वह करता है, यह चाय बेचने वाला। इसको चलो फिर भी झेलें, पर इसका वारिस है, वो विल्डोजर वाला।। सिर्फ खुरापात से वैर है उसका, न हीं वैर पप्पू से। एक सूत्र फॉलो करता वह, नो बेल नो जेल, सीधा मेल प्रभु से।। यूट्यूब पर सुनें

Daru par kavita l Poem On Sharab

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#sharab #poem on sharab #sharabi par kavita शराबियों के प्रकार भिखारी भी दारू पीकर बनता है साहूकार। आज विस्तार से बताता हूं शराबियों के प्रकार।। सन सतनाबे में शराबियों के परीक्षण से आंका गया। शराबियों की किस्म को चार भागों में बांटा गया।। नंबर चार पर प्यार के ठुकराए आशिक आते हैं। घटिया किस्म के शराबी मयखाने में पीने जाते हैं।। ये ज्यादातर कर्जा लेकर के पीते हैं। जिंदगी को एक बोझ समझकर के जीते हैं।। सूची में नंबर तीन पर उन शराबियों का ब्योरा है। हर रोज पी रहे हैं जीवन अधूरा है।। ये लगभग नब्बे फीसदी शादीशुदा हैं। वाकी दस फीसदी शादी के बावजूद बीबी से जुदा हैं।। ये हर रोज दारू पीकर घर आते हैं। दरवाजा अक्सर पड़ोसी का खटखटाते हैं।। नंबर दो की सूची में अक्सर शराबियों की संख्या कम है। इनके दिल में कोई ठेस या फिर कोई गहरा गम है।। ज्यादातर ये लोग जोड़े से पीते हैं। समझकर चार दिन की जिंदगी एंजॉय से जीते हैं।। नंबर एक के शराबियों में अमीर लोग बेशुमार हैं। उद्योगपति, नेता और उच्चाधिकारी और उनका परिवार हैं।। ये दारू, मदिरा, शराब नहीं सोमरस समझ पीते हैं। खुद को कलियुगी देव और धरती को देवलोक समझ ज...

Best 10+ Gazals - मशहूर गज़लें

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मायूस जिंदगी क्या नहीं है पास तेरे है परेशान क्यों? आज कर दिया मशीनों ने हर काम तेरा सुलभ, फिर भी बेवजह लगती है थकान क्यों? जिंदगी तो संघर्षों का संगम है ऐ ‘धर्म’। ये तो एक खेल है तू हैरान क्यों? पुरानी रिश्म रिवाजों को तू आज भी जकड़े बैठा है। फिर भी आज ज़माने में है बदनाम क्यों? दर्द की फरियाद को कोई नहीं सुनता यहां। आखिर बहरे हो गए हैं सबके कान क्यों?    ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐                  अफसोस जब हो गया है पर्दाफाश तो फिर नकाब कैसा? जानबूझ कर ढाए सितम तो अब पछताव कैसा? प्यार में गम देना अदा है तुम्हारी। तो अब अश्क बहाकर यह अफ़सोस कैसा? आज ज़माने में सरेआम हुआ राज ए गुप्तगू। उठ चुके नकाब सारे ,अब है दोष किसका? नादां धर्म प्यार की रस्में निभाता रहा। बेवफा को वफ़ा समझा है मदहोश कैसा? ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐    दिल की बोली हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्यार की निशानी गिरवी न रखने देंगे।। मानते हैं दर बदर तुम ढूंढते हो अब हमें। पर अपने दर पे बेवफा तुझे झांकने न देंगे।। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्...

Political Poems

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बिल्ली की हेकड़ी  दिल्ली के चिड़ियाघर में, एक घटना देखने में आयी। इंडियन बिल्ली चीनी तेंदुए पर घुर्रायी।। बंदी तेंदुए को उसने खरी खोटी सुनाई। तेंदुए को अपनी मर्दानगी पर शर्म आयी।। मौका पाकर भारती की तरह बोलती गयी। उल्टा तेंदुए को माफी मांगने को कही।। तेंदुए की समझ में यह रास न आया। आखिर क्यों बेवजह मुझे जा रहा डरा धमकाया।। आखिर आज राज कुछ और था। बिल्ली का कटघरा अमेरिकन शेर के पास था।। उसके ऊपर शेर का हाथ था। पाक-चीन की राजनीति का पर्दाफाश था।। बोली तेरा मूक रहना फिलहाल अच्छा है। मेरे पास आज शक्ति की समुचित मात्रा है।। धमकी सुनकर तेंदुए ने इंग्लिश के बोले वर्ड। “यू आर कैट डोंट फॉरगेट आइ एम लेपर्ड” इंग्लिश सुनकर बिल्ली शरमा गयी। तुरंत नियंत्रित होकर गरमा गयी।। तू मुझे मत समझ बिल्ली मेरी बहुत दूर तक पहुंच है। मैं गट्टी हूं तो क्या तेरी पूंछ जितनी लंबी मेरी मूंछ है।।

Sharabi - hindi - kavita l शराबी

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यह कविता एक ऐसे शराबी व्यक्ति को समर्पित है जो एक दिन मित्रों की पार्टी में कुछ लिमिट से ज्यादा पेग पी लेता है। बाद में जब नशा अपनी चरमसीमा पर आता है। और ज़मीन घूमती हुई नजर आती है। तो वह ‘शराबी-अंदाज़’ में भगवान से जो प्रार्थना करता है। उस प्रार्थना को यह कविता बयां कर रही है। आज मुझे बचाले पिला गया वह साला। कल से नहीं पियूंगा मैं शराब का प्याला।। उसने खुद कम मुझे ज्यादा पिलाई। हर पेग पीने को उनकी सौगंध दिलाई।। ऐसा हर शराबी का बयां होता है । पीने के बाद दुनियादारी का ज्ञान होता है।। इसी घटना वाबत कल अचानक आया फोन। मिस्टर ‘यादव’ “योर बेस्ट फ्रेंड एक्सपायर” प्लीज कम सून।। जब मैं वहां पहुंचा तो अलग हाल था। मेरा दोस्त नशे में बेहोश और बेहाल था।। मैंने कहा दोस्त यह क्या माजरा है। तू हो गया पागल, पागलखाना आगरा है।। तुरंत उठाकर उसको ले चले आगरा। जिंदा पर ही कफन का उड़ाया चादरा।। रास्ते में जैसे ही रामबाग आया। गाड़ी रुकवाकर वह जोर से चिल्लाया।। बोला अरे! मेरे यारो, कुछ याद आ रहा है। शायद आगे ठेका देशी शराब आ रहा है।। ज्यादा नहीं एक ठर्रा बोतल लूंगा । कर्म खराब रहे अपने, खुदा को रिश्वत दूंगा।।

नौकरी में चापलूसी नहीं, कर्तव्यनिष्ठा ज़रूरी है | दमदार हिंदी कविता | कविता कुंजी

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गुनाह गर वो करें, तो सब क्षमा -ए- भूल समझें। हुक्म को तोड गर आगे बढ़ें, तो उन्हें मजबूर समझें।। वे जो चाहें सो करें, और बेखौफ करते रहें। हमारी छोटी भूल भी, गुनाहों में गिनते रहें।। क्या गजब की कूटनीति, दुतरफा दगा -ए- खेल है। किसी के दोनों हाथ घी में, तो किसी का तेल है।। हम सीधे साधे चले, इस जिंदगी की राह में। हम भी नंबर वन बनें, मेहनत करी, इस चाह में।। मगर यहां मेहनत नहीं, चापलूसी का गेम है। हमने लस्सी दी बॉस को, मगर उसे तो पसंंद जैम है।। बस सुबह से शाम ही हुई, कि बॉस भी बदले नज़र आए। जिस पर हक़ था हमारा, वहां कोई और नजर आए।। आज लगता है शराफ़त गई तेल लेने, सिर्फ झूठ का सहारा है। मेहनती खाता टुकाई और हरामी तारीफ पा रहा है।।

नवयुवक कविता/best poem on youngester/newgeneration hindi poem/kavita kunji

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नवयुवक जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है। न घर में जोर किसी का है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।। कुछ बोध अधूरा सा रहता, ऊर्जा में ओतप्रोत रहता। फिर भी बल बुद्धि से कच्चा है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।। जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है। नई नई जवानी, नवयुवक, हर रोज़ बदलता नए लुक।। मोहब्बत का नशा भी कम नहीं है, दुनिया से लडने की दम नहीं है।। प्यार का शोला है दिल में,पर दिल तो तेरा कच्चा है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है। जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है।। है जीवन की यह अजीब मोड़, आगे बढ़ने की लगी होड। है जज्जवा दिल में कुछ करने का, मत बहक न बन, मोहरा छलने का।। नवयुवक तू दिल का सच्चा है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।। जीवन की एक अवस्था है, न जवान, नहीं वह बच्चा है। न घर में जोर किसी का है, उसकी मनमर्जी की इच्छा है।।

सब्र - Sabr Patience - kavita kunji

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सब्र सब्र कर बंदे ये दिन भी गुजर जायेंगे।   हंसी करने वालों के चेहरे उतर जायेंगे।।  यूं दिल को दुखा मत उनकी वजह से। आखिर तुझे छोड़ वो किधर जायेंगे।। हंसी करने वालों के चेहरे उतर जाएंगे। सब्र कर बंदे…….   कब तक जुल्म ऐसे ढाते रहेंगे। किस हद तक बेरहम सताते रहेंगे।। तू शिकायत उनकी मत कर किसी से  वे खुद व खुद जालिम सुधर जाएंगे।। हंसी करने वालों के चेहरे उतर जाएंगे। सब्र कर बंदे…….  तू अकेला ज़माने से क्या लड़ सकेगा। जो तेरे अपने है उनका तू क्या कर सकेगा।। ज़ख्म देकर भले बनना, है काम उनका। मगर ये शख्स खुद व खुद सुधर जायेंगे।। हंसी करने वालों के चेहरे उतर जाएंगे। सब्र कर बंदे…….

Zakhm, जख्म - hindi kavita kunji

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अंदाजा कौन सा वो जख्म था, जो तरो व ताजा न था। जिंदगी में इतने ग़म थे, जिनका कोई अंदाज़ा न था।। हम निकलते भी तो कैसे, बेवफ़ाओं की भीड़ से। सिर्फ दीवारें ही दीवारें थीं कोई दरवाजा न था।। उनकी आंखों से नमाया थी, मोहब्बत की चमक। मगर हमें ही चेहरा पढ़ने का लिहाजा न था।। अरिस उनकी झील सी आंखों का, इसमें क्या कसूर डूबने वालों का। उनकी मासूमियत का क्या दोष, हमें ही खुद गहराई का अंदाज़ा न था।।

बचपन हिन्दी कविता/hindi poem on bachapan/hindi poem on life/kavita kunji

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       हर किसी की जिंदगी में बचपन के दिनों का एक अजीब अहसास होता है । मगर हम सब अपने बचपन में बहुत जल्दी बड़े होने के सपने देखते हैं। जबकि बड़े होकर लगता है कि बचपन के क्या खूब दिन थे जो हमने ब्यर्थ ही गुजार दिए । जिन्हें हिंदी कविता ‘बचपन’ बयां कर रही है। बचपन   जब याद आता है , सबको अपना बचपन । सोचता मैंने यूं ही, खो दिया अपना लड़कपन।। शरारती बन मां को, मैं रुलाता रहा। लोग  समझाते रहे, मशवरे मैं ठुकराता रहा।। कभी साथियों से झगड़ा, तो कभी उन्हें मनाता रहा। लोग डांटते रहे, मैं मुस्कराता रहा। कभी घर बना के रेत के, मैं  लुभाता रहा। ना  समझी में भी, समझदारी दिखाता रहा।। कभी सारे दिन, धूप में पतंग उड़ाता रहा। भूख मुझको लगी, दिल मां का दुखता रहा।। हर ग़म से परे मेरा बचपन रहा। कब बीतेे वे दिन एक स्वपन रहा।। अब खिलकर बन गया सुमन, जो कभी था शबनम। क्या फिर नसीब हो सकेगा, वह  मेरा बचपन?

#Bada Hi Mahtva Hai । बड़ा ही महत्व है #कविता एक अलग अंदाज में

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बड़ा ही महत्व है फिल्मों में एक्टर का, वाहनों में ट्रैक्टर का। चकबंदी में सेक्टर का, बड़ा ही महत्‍व है ।। पढ़ाई में ट्यूशन का, द्रक्तों में शीशम का। वाहनों मे थ्री टन का, बड़ा ही महत्व है।। रिश्ते में माँ का, शरीर में जां का । फौजी हुक्म में हां का, बड़ा ही महत्व है। । पैट्रोलिंग में कम्युनिकेशन का, लड़ाई में इम्युनेशन का। सीमा पर डॉमिनेशन का, बड़ा ही महत्व है।। घर में सफाई का ,गिनती में इकाई का। सेना में सिपाही का ,बड़ा ही महत्व है।। सवारी में साइकिल का, वेरट में हायकल का। डांसिंग में मायकल का, बड़ा ही महत्व है।। संसद में प्रधानमंत्री का, पोस्ट में संतरी का। हाउस क्लीयरेंस में एंट्री का, बड़ा ही महत्व है।। इलेक्शन में सपोट का, लास्ट एक वोट का। एक हजार के नोट का, बड़ा ही महत्व है।। यात्रा में भाड़े का, सलवार में नाड़े का। रंगों में काले का, बड़ा ही महत्व है।। सब्जी में आलू का, जानवर में भालू का। रिश्ते में साडू का, बड़ा ही महत्व है।। ससुराल में साली का, होठ पर लाली का। सभा में ताली का, बड़ा ही महत्त्व है।। बूट में लेस का, टॉर्च में सैल का। केस में बहस का, बड़ा ही महत्व है।। कॉपी में सा...

मास्क हिंदी कविता / best poem on corona/कोरोना हिंदी कविता / kavita kunji

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मास्क  गजब का कहर है कोरोने का। अब भाव भी गिर चला सोने का ।। लोग दूर हटते जा रहे माया से। अब दौलत किस काम जब नाता ही न रहेगा काया से।। अब भी घड़ी है कारोना को मात देने की। मास्क पहनो आदत डाल लो अकेले रहने की।। कुछ लोग जानकर भी आज लापरवाह बने हैं। जबकि श्री कृष्ण खुद मास्क पहने संदेश देने खड़े हैं।। मास्क ही है जो बचाएगा अनमोल जान को। आज स्वर्ग में भी है हलचल कैसे बचाएं इंसान को।। खुद देवता भी आए हैं कॉरॉना की चपेट में। नारद भी हुए संक्रमित, बिन मास्क के देखे गए, गंगा किनारे रेत में।। अब भी वक्त है मानव होश में आओ। कुछ लगे तो त्वरित जांच करबाओ।।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ/best hindi poem on beti bachao beti padhao/beat motivational poem

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  माँ बेटी की कविता माँ आखिर क्यों लोग भेदभाव मानते हैं। बेटों की चाह में बेटियों को मारते हैं।। माँ! कैसे महान हैं? बेटे, बेटियों से। मैं तो प्रथम हूँ कक्षा में, अपने सहपाठियों से।। माँ बेटियाँ भी तो जहाज उड़ाती हैं। राष्ट्रपति बनती हैं, फिल्म बनाती हैं।।  माँ आप और मेरी मेम भी तो किसी की बेटी हैं।  माँ सच में गुनाहगार हम सब बेटी हैं।।  अगर हम सब खुद सम्मान करें अपने आप का।  इतिहास बदल कर रख दें, नाम रोशन करें माँ बाप का।।