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Best Poem On Sharab - एक शराबी की दिल झकझोर देने वाली कविता

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मदिरा ज्ञान Listen on Youtube - यह कविता यूट्यूब पर सुनें किसी को खुश मिजाजी में,  तो किसी को ग़म में जरूरी है। बिना मदिरा के ऐ- साहिब,  भरी महफिल अधूरी है।। भिखारी से मंत्री तक,  यह सब को प्यारी है। पहले मर्द ही पीते थे,  अब तो इसकी भी ग्राहक नारी है।। कोई पंच सितारे में पीता,  तो कोई ठेके में जारी है। क्या गज़ब की चीज़ है,  किसी की जान है तो किसी की हत्यारी है।। बिना इसके रात तन्हा,  दिन लगता भारी भारी है। बेस्वाद है कमबख्त,  फिर भी ललचाती जीभ बेचारी है।। क्या गज़ब दम रखती,  आती प्यार की खुमारी है। दो पेग में ही साहिब,  लगती साठसाला कुंवारी है।। दो पेग में खंण्डन,  करता गीता के श्लोकों का। तीन में मोदी भी नोकर,  खुद मालिक तीनों लोकों का।। कुबेर का भंडार खुलता है,  सौदा करता तोपों का। तो कभी प्रेमिका से कहता,  बोल बिस्तर लगादूं नोटों का।। जिंदगी चार दिन की,  क्या रखा है घुट घुट के जीने में। ग़म भुलाती है ये दारू,  दिल में छिपीं गहरी चोटों का।। धन्य है! तू मर्ज है,  और दबाई भी। ढक्कन खुला तो बर्बाद...

Naya Saal Mubarak | Happy New Year Poetry in Hindi | Inspirational Kavita⭐

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  @नया साल@ नया साल कुछ यूं आए तो बात बने। जो सोचा है वह हो जाए तो बात बने।। बिन इंतजार तू मिल जाए तो बात बने। खुशियों से दिल भर जाए तो बात बने।। कम मेहनत से फल मिल जाए तो बात बने। मन भक्ति में लग जाए तो बात बने।। संयम जीवन में आ जाए तो बात बने। गर कृपा तेरी हो जाए तो बात बने।। धैर्य में दृढ़ता आ जाए तो बात बने। तेरी दया दृष्टि हो जाए तो बात बने।। हर साल हमेशा नया साल यूं आता है। अब निर्मल मन हो जाए तो बात बने।।

Mahakumbh 2025 Prayagraj | Mahakumbh Mela Hindi Kavita | Divya Aur Bhavya** ⭐

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पहचान मुश्किल दूर रहकर जख्म दे शायद तुम उसे दुश्मन कहोगे। मगर साथ रह कर ही धोखा करे तुम उसे क्या कहोगे।। फिर भी आज निपटना आसान है दुश्मनों से। बड़ा पेचीदा काम है, बचना' अपने जनों से।। जंग ए मैदान में फिर भी विकल्प दो होंगे। दुश्मन मरेगा या न्योछावर आपके प्राण होंगे हमदर्द के साए में जो जहर दे प्यार से उसे क्या कहोगे। मगर साथ रह कर ही धोखा करे तुम उसे क्या कहोगे।। सुंदर नकाब में क्या छुपा है तुम्हे क्या पता। दोस्ती की आड में दुश्मन सा जख्म दे तुम्हारी क्या खता।। गुंजाइश है  हर न्याय में आज यहां भ्रष्टता की। संभावना भी साफ है छेड़खानी हो सत्यता की।। तब ऐसे हालत में मेरे दोस्त किसे गद्दार कहोगे। मगर साथ रह कर ही धोखा करे तुम उसे क्या कहोगे।। यहां हम देखते भी वही हैं जो दूसरा दिखा रहा है। मेरी काबिले तारीफ, चाहे पीछे कोई पसीना बहा रहा है।। हद से ज्यादा गिरा इंसा स्वार्थ वास्ते, कर्म है शोषण का। आज जायज सब कुछ हुआ, लालच है रोकड़ का। फिर भी कंगाल बन दिखे रोड पर, उसे क्या कहोगे। मगर साथ रह कर ही धोखा करे तुम उसे क्या कहोगे।।

NEET Paper Leak: Jantar Mantar Par Umda Sailab | जनता में आक्रोश - कविता कुंजी

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Listen On Youtube क्या करना ऐसी सरकारों का, जो जनता का कत्लेआम करे। शासक को कोई परवाह नहीं, अब्दुल चाहे श्याम मरे।। हालात भयावह होते हैं, जब कन्याएँ पीटी जाती हैं। वोटबैंक के खातिर कुछ, पॉलिटिकल पार्टियाँ साथ निभाती हैं।। न्याय अगर सो जाता है, अन्याय वहीं मुस्काता है। सत्ता के मद में चूर हुआ, जो मानवता को ठुकराता है।। धर्म, जाति के नामों पर, जब नफ़रत का व्यापार चले। टुकड़ों में बँट जाता देश, फिर कैसे घर-परिवार चले।। जहाँ राजधर्म का मान नहीं, वह सिंहासन बेकार लगे। जनहित को कुचला जाए, ऐसे शासन में आग लगे।। सिंहासन केवल उसका हो, जो हर जाति धर्म का सम्मान करे। न्याय रहे हर एक द्वार पर, ऐसा भारत निर्माण करे।। न हिन्दू हारे, न मुस्लिम हारे, जीते केवल इंसान यहाँ। भारत माँ की शान बढ़े, गूँजे ऐसा जयगान यहाँ।। सत्ता सेवा का नाम बने, न कुर्सी का अभिमान बने। जनता सबसे ऊपर हो, यही राष्ट्र की पहचान बने।। सत्ता का अर्थ न कुर्सी हो, सत्ता जन-उपकार बने। हर निर्बल की रक्षा करके, शासन का सत्कार बने।। जिस धरती पर बेटी रोए, वह कैसा लोकतंत्र होगा। जहाँ न्याय बिके चौराहों पर, वहां कैसा राजतंत्र होगा।। शासन क...

Chal Uth Balika! Aaj Har Balika Ko Maa Kali Banane Ki Zarurat | Veer Ras Hindi Kavita

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  चल  उठ बालिका! माँ काली बनकर दरिंदों का संहार कर | वीर रस हिंदी कविता | कविता कुंजी   #KavitaKunji #VeerRas #viralKavita #BestPoem         यह कविता जून 2026 में राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के साथ हुई अमानवीय और जघन्य घटना से व्यथित होकर लिखी गई है।          यह कविता उस साहसी बेटी तथा ऐसी हर बेटी को समर्पित है, जिसने अन्याय, हिंसा या दरिंदगी का सामना किया है।       यह रचना समाज को जागरूक करने, बेटियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने और अन्याय के विरुद्ध साहस, एकजुटता तथा न्याय की आवाज़ बुलंद करने का एक विनम्र प्रयास है। चल उठ हिम्मत जुटा बालिका, दुनियां को आज दिखा दे तू। दानव के वंशजों के खातिर, मां काली  रूप बना ले तू। त्रिशूल उठा खंजर को घोंप, दरिंदों की लाश बिछा दे तू। बढ़ती पीढ़ी महिषासुर की, पूर्णविराम लगा दे तू। त्राहिमाम जब देव पुकारें, करती रक्षा उनकी तू, महादेव भी थर थर कांपे, जब बनती शेर वाहिनी तू। कलियुग में नहीं सुरक्षित नारी, दरिंदों को सबक सिखा दे तू। आज 'चंण्ड ...

Viral Kavita: 🔥 “जब वर्दी भिड़ गई वर्दी से!”

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 #kavitakunji, #viralkavita 🔥 Picture Abhi Baaki Hai | जब सेना बोले, राजनीति क्यों डोले? | वीर रस हिंदी कविता 🇮🇳  बात सेना की न होती, तो राजनीति इतनी गरम न होती। बिल्ली शेर को आंख दिखाए, यह भी तो बात हजम नहीं होती।। आज दीवान जी पिट गए, तो क्या नया काम हो गया। इतनी छोटी सी बात पर, जम्मू जाम हो गया।। शुक्र है पीट कर छोड़ गए, बरना कुछ और कर जाते। शांति से काम लिया, न तो हथियार निकल जाते।। धैर्यवान था वह सैन्य अधिकारी, जिसने धैर्य से काम लिया। बरना दो चार तो खाकी वाले, बेवजह निपट जाते।। पूछने पर सेना की प्रतिक्रिया आई। कि जब हमारा मेजर पिटा, तब किसी ने न आवाज उठाई।। कभी जवान पिटा, तो कभी सेना की वॉट लगाई। पुलिस की मौजूदगी में, कुछ गुंडों ने ब्रिगेडियर साहब के साथ की हाथापाई।। आज छोटी सी बात पर, इतना शोर शराबा क्यों? यह तो झांकी है। ध्यान रहे सेना से पंगा लिया, तो पिक्चर अभी बांकी है।।

किसी का गुलाम नहीं | Royal Attitude Shayari in Hindi | दमदार स्वाभिमान की कविता

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गलतफहमी में मत रहना दोस्त 🔥 गलतफहमी में मत रहना मेरे दोस्त, हम सिर्फ चहरे से शरीफ लगते है। हमारे नाम से ही मेरे दोस्त, तेरे जैसे रास्ता बदलते हैं।। Listen on YouTube @kavitakunji ✒️ कविता कुंजी ✒️ पाप के पुलिंदे बांध रहे हम, सच्चाई को झूठ से ढांक रहे हम।। जी रहे हकीकत को नज़रअंदाज़ कर,  ज़िंदगी निकली जा रही, जान रहे हम।। ***************** इतिहास लिखने वालों की खामोश कहानी  हर राज छुपा कर दिल में रखो, जब तक मंजिल पा नहीं जाता। दुनिया हँसती रहती है, जब तक इतिहास लिखा नहीं जाता। Listen On YouTube खामोशी की ताकत 😶🔥 | Attitude Shayari That Hits Different @kavitakunji  खामोशी को हथियार बना लो, शब्दों से शोर मचाना क्या, जो आग लगी है सीने में दुनियां को इसे बताना क्या। Listen On YouTube

Dharti Bhi Ro Padi | Nasha Pyar Ka Nahi Haiwaniyat Ka | Bolti Kavita

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 “धरती भी रो पड़ी” 🔥 Nasha pyar ka।। नशा प्यार का आज एक दरिंदे ने कलियुग में ऐसा कुक्रत्य किया, घटना इतनी भयावह थी कि खुद धरती ने तांडव नृत्य किया। दिन दहाड़े मासूमियत रौंदी गई, नहीं किसी ने रोका उसको, उठा उठा के फेंक रहा था नहीं किसी ने ठोंका उसको। डेढ़ साल के इस बच्चे का आखिर क्या दोष रहा होगा, पटक पटक के मारा उसको, कैसे दर्द सहा होगा। चीखा होगा, रोया होगा, पर विरोध नहीं कर पाया होगा, देख मासूमियत उस बच्चे की, हे!मानव क्यों नही दहलाया होगा। उठा-उठाकर फेंका उसको,जैसे वो कोई चीज़ रहा, धरती काँपी, अम्बर रोया, मानव कितना नीच रहा। चीखें उसकी मंदिर पहुँचीं, मस्जिद तक फरियाद गई, जब बच्चे की टूटी साँसें, मानवता शर्मसार हुई। जब मां को पता चला होगा तब क्या मां पे बीती होगी, दुख के महासागर में मईया कैसे जीती होगी। देख लाल का विकृत चेहरा मईया कितनी रोई होगी, बिना लाल के सूनी छाती, नहीं रात को सोई होगी। देख लाल के खेल खिलौने मईया का दिल टूट रहा, कोस रही भगवान को बैठी क्यों तू मुझको लूट रहा। गूंज रही है मेरे कान में मेरे लला की किलकारी, फिर से चक्र घुमा दे कान्हा, न बच पाए वह अत्याचारी। Liste...

Attitude Shayari in Hindi । झुकना हमारी फितरत नहीं।

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Two lines shayari।। दो लाइन शायरी जिंदगी की जो कमी मरते दम तक न निकली, इतनी थी तंग दस्ती कफन की जमी निकली।   जनाजा जब मेरा निकला तो पार्टी भी सूनी निकली, और करबलों ने कब्र खोदी तो पत्थर की जमीं निकली।   थके प्राण मरघट में दम लिया करते हैं,   और आज तक हमने यही अंजमाया है कि जिनसे मिली खुशी वे गम दिया करते हैं।   जैसा हम सोचते हैं हर कोई वैसा नहीं होता। हर इंसान एक जैसा नहीं होता।। जिसके पास हौसले हैं उड़ान भरता है। और हरामी सिर्फ शिकायत करता है।। सच्चा दोस्त वह जो गलत काम से बचाए, संकट में साथ दे, सही राह दिखाए। -कविता कुंजी पत्नी की पहचान विपत्ति में, भाई की, संकट आने पर। बहिन बने बच्चों का सहारा, भाभी के मर जाने पर।। बेटे की, परख बुढ़ापे पर,  बेटी की, मर्ज सताने पर। दोस्त की, घोर गरीबी में, मां बाप की, बच्चों को सफल बनाने पर।। -कविता कुंजी दुश्मन मिले सबेरे सबरे मतलबी यार न मिले, औरत गोरी हो या काली सर्वथा नारि न मिले। -कविता कुंजी अगर मिलकर चोट दी तो हम भी वार करेंगे, "यादव" हैं कम से कम 12 साल तो याद रखेंगे। -कविता कुंजी दिल तोड़कर क्या ...

Aaj Maa Ki Mamta Haar Gayi | Heart Touching Hindi Kavita | Maa Par Bhavuk Kavita

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      आज मां की ममता हार गई #कविताकुंजी #kavitakunji बेटे की जान बचाने को,  मां ने अथक प्रयास किए होंगे। बेटे की खातिर मां ने यम से,  दो दो हाथ किए होंगे।। बेटा ना डूबे जल में,  दम घुटने तक घूंट पिए होंगे। भगवान को दया नही आई, उसने निश्चित पैर छुए होंगे।। आखिर एक मां की ममता हार गई, पर भगवान को तरस नही आया। ऐसी क्या मजबूरी थी, जो रब तू उसे नहीं बचा पाया।। ----------- -------- ----- --- -- -

Shikshak Hi Asli Bhagwan Hain | Heart Touching Teacher Poetry in Hindi ⭐

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शिक्षक Listen On YouTube शिक्षक ही असली भगवान है 😢❤️ | दिल छू लेने वाली कविता | Teacher Poetry शिक्षक गुरू है दोस्त है माता पिता है, शिक्षक और भी बहुत सारे रोल करता अदा है। अगर हमारे बच्चे सुंदर इमारत हैं, तो शिक्षक उसकी आधारशिला है। हर बच्चे में उसकी जान हैं हर बच्चे पर फिदा है, शिक्षक प्रेम है ज्ञान है सर्वसुधा है। शिक्षक धैर्य है, तेज है सचमुच में वह खुद ही खुदा है,  शिक्षक गुरू है दोस्त है माता पिता है। Listen On YouTube ********************** मृत्यु एक सत्य है।। Mratyu ek satya hai मृत्यु एक सत्य है' तो सत्य को स्वीकार लो। मृत्य निश्चित है सभी की, जीवन सुधार लो।। दूसरों का दिल दुखा के जिए भी तो क्या जिए। वह मौन है आज अनुकूल समय के लिए।। पथभ्रष्ट हुई मनुष्यता निज स्वार्थ  के लिए। नहीं रह गया है धनी आदमी,अपनी बात के लिए।। सत्य का कत्लेआम करती दोगलों की एकता। विश्वास की धज्जियां उड़ाते चंद स्वार्थ के लिए।। आम हो गया सॉरी बोलना बात बात के लिए। मित्रता हुई कलंकित विश्वासघात केलिए।। मुश्किल हुआ है ढूंढना विश्वासपात्र अब यहां। हैवान बन चुका इंसान, खुद इंसान के लिए।। ***********...

Shikshak Hi Asli Bhagwan Hain | Heart Touching Teacher Poetry in Hindi ⭐

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❄️🌙 ग्लेशियर में तैनात फौजी की पत्नी की व्यथा 🌙❄️ झूठ बोल रोज़ दिल बहला रहे, खुद तकलीफ़ में हो, और हमें हँसा रहे। आख़िर तुम हो कहाँ, सच क्यों नहीं बता रहे, हर बार “मैं ठीक हूँ” कहकर बात घुमा रहे। हाल-चाल बताने में कुछ तो छुपा रहे, तुम्हारी चुप्पी से ही, सारे राज खुल जा रहे। व्हाट्सएप की डीपी में जबरन मुस्करा रहे, आंखों में छलकते प्यार से, हम सबको रुला रहे। कड़ाके की ठंड में चार बजे उठ जा रहे, बर्फ में मेरे पिया कैसे जीवन बिता रहे। वहां तो धरा के पंछी भी, जाने से घबरा रहे, देश की खातिर ए 'धर्म', तुम क्या क्या सह जा रहे। सुना है हालत देश के दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे, बच्चे रोज पूछते हैं मम्मी! पापा कब आ रहे? क्या बताऊं मैं उन्हें महीने गुजरते जा रहे, कमबख्त मोबाइल से बच्चे बिगड़ते जा रहे। पड़ोस वाले गुप्ता जी रोज बच्चे घुमा रहे, हमारे घर के सामने रोज ठुमक्के जा रहे। ऊपर से हमें उल्टा ज्ञान का पाठ पढ़ा रहे, फौजी से क्यों शादी कर बैठी हमें समझा रहे। वाह! गुप्ता जी ढांढस बंधाने के बजाय मेरी हिम्मत हिला रहे, मेरे हमसफर की बदौलत तुम चैन से सो पा रहे। तुम मानते ह...

Operation Sindoor | Hindi Pakhwara Special | Deshbhakti Kavita⭐

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हिंदी पखवाड़ा।। ऑपरेशन सिंदूर  Op Sindoor: Hindi Pakhwara  भारत के बीर सपूतों की, तू गाथा फिर से भूल गया। यहां स्वाभिमान के लिए भगत सिंह, फांसी फंदा झूल गया।। तू पहलगाम में धर्म पूछकर, कृत्य घिनौना कर बैठा। पत्नी के आगे पति मारा और पिता मरा सम्मुख बेटा।। तूने मोदी जी का नाम लिया, और भारत मां को दी गाली। फिर यहां ब्योमिका और सोफिया, प्रकट हुई दुर्गा काली। तेरा कायर दुष्ट कमीनापन ये सारे जग में फेल गया। तू सरहद पर हमें ताक रहा, राफेल आसमान से पेल गया।। न सरहद पार करी हमने, ना कानों कान की खबर लगी। तू अब्बा अम्मी चिल्लाया, जब छाती पर तेरे बम गिरी।। बोफोर्स मिजाइलें गूंज रहीं, और नृत्य सुखोई का देखा। राफेल ने चौकड़ी भर भर कर, बॉम्बो को निशाने पर फेंका।। कश्मीर की सरहद पर रजनी में, चांदनी चौक सा लगने लगा मुल्ला मुनीर शाहबाज को लेकर, यू एस ए को भगने लगा।। नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त हुए, लाहौर की जड़ें हिला डाली। तरस आ रहा था तुझ पर, तेरी जनता तुझे दे रही गाली।। दो दिन का झटका-न-झेल सका, तू ट्रंप के पैर पड़ा जाकर। आज खुली चुनौती भारत की, कोई लड़े सामने से आकर।। यह नया भारत है मोद...

Jhoothe Rishte-Naate Ki Sachchai | Heart Touching Hindi Kavita | Life Reality Poetry** ⭐

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झूठे रिश्ते कविता जिंदगी में भाग दौड़ इतनी, आखिर मंजिल का भी कर पता। जिनके लिए तू मर मिट रहा, वे ही फूंकेंगे चिता।। कुछ अपने लिए भी वक्त रख और याद कर असली पता। साथ कुछ न जायेगा, फिर क्यों रहा तू छटपटा।। सब मतलब से घनिष्ठ रिश्ता निभा रहे । तू जान है उनकी वे ऐसा जता रहे । । कभी उनको नजर अंदाज कर, फिर देख तेवर उनके। धरती फट जायेगी, ऐसे ताने सुनोगे उनके।। यह दुनियां रंगमंच है ढोंगी कलाकार हैं। हकीकत पर पर्दा डालकर, देते साक्षात्कार हैं।। रख सत्य को अंधेरे में, झूठ का प्रकाश है। छल कपट फरेब धोखा, यह सब तेरे पास है।। आखिर किसका मद है, जाना अकेला है। क्यों भ्रम में भूला है, यह मायामय झमेला है।। क्या साथ जाना है, समय रहते जान ले। झूठ को कर किनारे, सत्य को पहिचान ले।। सब नौटंकीबाज हैं, झूठे नाते रिश्ते छोड़ दे। "धर्मेंद्र" धर्म के साथ रह कर, सत कर्म पर जोर दे।।

Operation Sindoor | भारतीय सेना के शौर्य पर ओजस्वी देशभक्ति हिंदी कविता | Veer Ras Kavita

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ऑपरेशन सिंदूर। सेना के शौर्य की कविता रावल पिंडी चूर हुई, आतंकी ठिकाने ध्वस्त हुए। आतंकी आका थर्राये, जब इरादे उनके परस्त हुए।। लाहौर में सिमटे नहीं सिमटा, वहां ऐसा रायता फैल गया। नौ आतंकी ठिकाने ढेर हुए, राफेल रात में पेल गया।। जो सोचा नहीं था हुआ पाक में, आसिम मुल्ला दहल गया। वह सीमा पर हमें ताक रहा, वहां सुखोई छाती फोड़ गया।। न्यूक्लियर धमकी के बीच, "मिग" नूर खान को ठोंक गया। अब कभी नहीं उठ पाएगा, तुझे ऐसे गर्त में झोंक गया।। जब तक मुनीर होश में आया, राफेल निकल चुके थे दूर। जोर का झटका धीरे से, दे गया "ऑपरेशन सिंदूर"।।

Pahalgam Terror Attack Se Operation Sindoor Tak | Deshbhakti Hindi Kavita** ⭐

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युद्ध।। Yuddh  Passionate cum emotional poem on Pahalgam terror attack अमावस की काली रात होगी, दूर तक होगा अंधेरा।  गर्जना होगी भयंकर, आसमां का फट रहा होगा कलेजा।। पड़ोसी कब तक साथ देगा,तेरे पाप कर्मों की झड़ी लगी है। धन्य है वसुंधरा! इसके पैरों तले से,अब भी तू खिसकी नहीं है।।  ऐ दुष्ट! दुश्मन,   अब तू जान ले बस। सौ गालियों के बाद कृष्ण को बोलना पड़ा बस।। हकीकत को छुपा कर, क्यों जी रहा अभिमान में। तूने मजबूर किया हमें, आने को युद्ध के मैदान में।। अंत होगा भयंकर इतना जान ले बस। परिणाम युद्ध का है पता हार मान ले बस।।  मौतों का अंबार होगा, हद हो चली है अति की। इतिहास साक्षी युद्ध में, जीत हुई है सत्य की।। खून की दरिया बहेगी, तेरे आतंकिस्तान में।  तूने मजबूर किया हमें, आने को युद्ध के मैदान में। मानता हूं, आज तू अकेला पड़ चुका है। अभिमान भी तो तेरा, हद से ज्यादा बढ़ चुका है।। खिसियानी बिल्ली, अपना ही मुंह नोंचती। हर बार मार खाता, तेरे चीन आंसू पोंछती।। वक्त है घुटने टेक दे,  मत मर मिट झूठी शान में। तूने मजबूर किया हमें, आने को युद्ध के मैदान में।। जो ...

Pahalgam Aatanki Hamla | Heart Touching Hindi Kavita | Shraddhanjali⭐

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  पहलगाम आतंकी हमले पर दिल को झकझोर देने वाली कविता।। @kavita kunji @pahalgam terror attack  पहलगाम   दरिंदों के नापाक इरादों ने,  कुछ मासूमों को निगल लिया। नाबालिग बेटे के आगे,  बाप को उस से छीन लिया।। किसी बहिन के भाई को छीना,  तो किसी बेटी का सिंदूर पौंछ दिया। जिन्होंने फक्र से बोला ''हम हिंदू''  बस यह सुन उनको रौंद दिया।। नवदुल्हन ने मौत की बिनती की,  अपने पति संग जान गंवाने को। मोदी को संदेश देने को,  उस कायर ने 'हिमांशी' को छोड़ दिया।। वीभत्स जघन्य- अपराध,  दुष्टों ने मानवता का कत्ल किया। दरियादिली देखो भारत की,  फिर भी उनको वक्त दिया।। दुस्साहस की सजा मिलेगी तुझको, तूने अखंड भारत को छेड़ा है। क्षमा योग्य नहीं कृत्य तेरा,  हुई असहाय देश को पीड़ा है।।  बड़ा भयावह इंतकाम,  होगा इस कृत्य के बदले में। कुछ तो घुस के मारे जायेंगे,  कुछ मर जायेंगे सदमे में।। इंसा अल्लाह ताला तेरे,  अब उन दुष्ट मुल्लों को डरना होगा। कृष्ण अगर तू हिंदू है,  तो आज सुदर्शन चलना होगा।।

Mahakumbh 2025 Prayagraj | Mahakumbh Mela Hindi Kavita | Divya Aur Bhavya** ⭐

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Mahakumbh Prayagraj ।। महाकुंभ मेला  #महाकुंभ प्रयागराज #mahakumbh   संयोग बना कई वर्षों में, सुन पिया बात अकेले में। मित्र मंडली कुटुंब बिरादरी, सब जा रहे कुंभ के मेले में।। स्नान कुंभ में करने से इस जग से तरना निश्चित है। सत्य एक ईश्वर है जग में, वाकी दुनियां सब मित है।। अब भी वक्त शेष है साजन, कुछ करले पुण्य अकेले में। मित्र मंडली कुटुंब बिरादरी, सब जा रहे कुंभ के मेले में।। अखिलेश, केसरी, मोदी, योगी सबने करी तैयारी है। केबिनेट के साथ बाबा ने, खुद भी डुबकी मारी है।। भज ले भजन राम का तू भी, भ्रमित मत हो धेले में। मित्र मंडली कुटुंब बिरादरी, सब जा रहे कुंभ के मेले में।। संत महात्मा साधु बाबा नागाओं की टोली है। कहीं मंत्र कहीं शंखनाद तो कहीं राम नाम की बोली है।। चलो साथ स्नान करेंगे धूम मचेगी मेले में। मित्र मंडली कुटुंब बिरादरी, सब जा रहे कुंभ के मेले में।।

Jeevan Mein Abhinay | Life Reality Hindi Kavita | Motivational Poem** ⭐

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#viralpoem #bestpoemonlife #famouspoem जीवन में अभिनय - Jiwan mein abhinay जिंदगी को युद्धक्षेत्र मानो या प्रयोगशाला। रंगमंच, मंदिर या फिर मधुशाला।। पृष्टभूमि खुद के लिए खुद तय करो। हर रोज हंसके जियो या हर रोज मरो।। कलाकार खुद हो निर्देशक भी आप। निर्माता भी आप, तो फिर क्यों पश्चाताप।। फैसला भी सही गलत का, है आपके हाथ। सत्यवादी बनो या जियो झूठ के साथ।। जांचे, जो सांसे ले रहे हो क्या हैं चैन की। रोल हीरो का है या फिर भूमिका बिलेन की।। कुछ पल ठहरें अभिनय की पड़ताल करें। शिकायतें छोड़ गुंजाइश हो तो सुधार करें।। वैसे जिंदगी में एक बात सामान्य है। कर्मों में बदलाव करें जब भी लगे हानि है।। वरना पछताना तो जिंदगी में आम है। न कोई दुश्मन, न कोई किसी की जान है।।

समय की कीमत।। Value of time।।Motivational poem

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#samay #time #instagram #waqt #kavitakunji #love #motivation #arjun #hindi #poetry  समय की कीमत।। Value of time अनमोल वक्त होता है जग में,              मत समय की मुझसे कीमत पूछो। जो मरणासन्न में पड़ा हुआ है,              सेकंड की उससे कीमत पूछो।। जीवन में जोड़े से  सब कुछ ,             मत दुख आने का कारण पूछो। जो बोया बीज उगेगा बो ही,             मत आम स्वाद का मुझसे पूछो।। इधर उधर भटकन में क्या है,             चुपचाप बैठ नारायण पूजो। खुद जीवन के भाग्य विधाता,             फिर क्यूं लोगों से किस्मत पूछो? सबकुछ दे दो तुम लोगों को,              पर समय देने से पहले पूछो। समय के बदले क्या मिलना है?              इसका उनसे उत्तर पूछो।। गर दया धर्म और परोपकार है,              तो फिर उनसे कुछ मत ...

Motivational poem - फौजी कोर्स।। Fauji

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 Junior leader course। जूनियर लीडर कोर्स

Bachpan best poem।। बचपन दिल को छू लेने वाली कविता

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चैन की सांसे ले आओ #besthindipoem #kavitakunji #viralpoem Listen On Youtube जीवन की आपाधापी में फिर चैन की सांसे ले आओ। सूनी उन गांव की गलियों में फिर से किलकारी ले आओ।। बचपन के वह गुल्ली डंडा, और खेल कबड्डी ले आओ। बहुत खा लिया पीजा बर्गर, चूल्हे की रोटी ले आओ।। अवसाद झलकता चहरे से वो हंसी होठ पे ले आओ। कोई तो समझो दिल की पीड़ा, मां का मरहम ले आओ।। बहुत हुआ भ्रमण शहरों का चौपाल गांव की ले आओ। पेड़ अभी भी होंगे वहीं पर कोई छांव आम की ले आओ।। स्कूल राह की पगडंडी में वह तपती-दोपहरी ले आओ। रस्ते चलते वह खेल ठिठोरी छीना झपटी ले आओ। । महास्साब की वो गुस्सा और मार छड़ी की ले आओ। अंताछरी की हार जीत और बाल सभा भी ले आओ।। ज्ञान समझ की इस बुद्धि में नासमझी को ले आओ। नहीं चाहिए मुझे फेसबुक मेरी मित्रमंडली ले आओ।। छुपाछुपी और आंख मिचौली कंचा कंकड़ ले आओ। जीवन के इस नीरस पल में महत्वाकांक्षा ले आओ।। नहीं चाहिए मूर्त हकीकत वो सपनों के पल ले आओ। जीवन की आपाधापी में फिर चैन की सांसे ले आओ।।

Pakhand ।। पाखंड पर सर्वश्रेष्ठ कविता

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                          पाखंड मां दुर्गा, शिव, कालिका, तो किसी पे हनुमान प्रचंड। चमत्कार के नाम पर, फलफूल रहा पाखंड।। फलफूल रहा पाखंड दक्षिणा मोटी पाते। लुटने के उपरांत बेचारे फिर नहीं जाते ।। इस घटना का जिक्र नहीं किसी को बतलाते। पड़ोसी भी लूट जाए, इलाज चोखा बतलाते।। लुट जाने के बाद पड़ोसी दोनों मन मुस्काते। फिर तृतीय शिकार को ये दोनों देखो कैसे समझाते।। भाई घंणा होता चमत्कार सभी चकित हो जाते। वहां लंगड़ा करता जंप गूंगे से इंग्लिश बुलवाते।। जाके देख दरबार बदल जायेगी काया। हाथ दबाके पड़ोसी का, फिर आंख मार मुसकाया।। गया बेचारा दरबार मिल गया दल्ला फेरी। कटा पांच हजार की पर्ची, अर्जी पहली तेरी।। जाके बैठ गया दरबार खाली कर अपनी थैली। बाबा ने किया चमत्कार लगा दी अर्जी पहली।। आजा रामभरोसे तेरे घर काली छाया। मरने से तीन बार बचा तू, मौत तेरी निश्चित भाया।। गिर पड़ा बाबा के पैर बचा लो किस्मत मेरी। बाबा ने कान मे कहा, मिला! तू हां में हां मेरी।। चटकी बिल्कुल नहीं, न तो फिर होगा भंगड़ा। बाबा के एक इशारे पर बाउंसर आ गया तंगडा।। फिर ...

Spritual Poem । प्रभु की महिमा सुंदर कविता

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 #spritualpoetry #kavitakunji #poemongod प्रभु की कृपा Listen On Youtube मेरी क्या सामर्थ्य प्रभु,  जो लिख पाऊं तेरे बारे में। तू बिद्धयमान हर जगह प्रभु,  तरु धरती चंद्र सितारे में।। सानिध्य तुम्हारा गर मुझ पर,  तो खुश हूं मैं फिर हारे में। हुंकार के पीछे है कृपा,  न तो कहां हौसला हमारे में।। गूंगे भी शास्त्र बखान करें,  पंगु पर्वत चढ़े इशारे में। अज्ञान धर्म की क्या हिम्मत,  जो लिख पाए तेरे बारे में।। तू परे है मानव बुद्धि से,  कहां क्षमता मनुष्य विचारे में। दुर्लभ है तुझको पाना,  तू कैद प्रेम के तारे में।। तू बिद्धयमान हर जगह प्रभु,  तरु धरती चंद्र सितारे में। मेरी क्या सामर्थ्य प्रभु,  जो लिख पाऊं तेरे बारे में।। हर समय तेरी कृपा बरसे,  सुख दुख संकट और लाले में। जो सुख तुझको बिसराऐ,  कर ऐसी खुशी किनारे में।। जिस छण ये दिल तुझको भूले,  आग लगे इस हत्यारे में। बस होठों पे तेरा नाम रहे,  मैं खुश हूं एक निवाले में।। तू बिद्धयमान हर जगह प्रभु,  तरु धरती चंद्र सितारे में। मेरी क्या सामर्थ्य प्रभु,  जो लिख प...