Crafting a Memorable Poem on Kejriwal
इलेक्ट्रोल बॉन्ड बनाम केजरीवाल #kavitakunji # poem #kejariwal कुछ लोगों का कहना है, यह कैसा है खेल। इलेक्ट्रोल बॉन्ड चर्चा में था, हुई केजरीवाल को जेल।। शराब से वृद्धि करने आए, देश की अर्थव्यवस्था। तिहाड़ जेल की टिकट कटी, हालत हो गई खस्ता।। अब मुश्किल बचपाना है, मोदी की गारंटी से। जब तक इलेक्शन जेल रहोगे, फिर छूटोगे गारंटी से।। आईआरएस को छोड़ आपको, ऐसी क्या सूझी। राजनीति के और अलावा, कोई बिजनेस नहीं थी दूजी।। अन्ना जी का लेकर सहारा, दलदल में गए कूद। अब बर्बादी से क्या डरना, खुद हाथ में बारूद।। मोदी के नहीं आगे पीछे, मत लो उनसे पंगा। छप्पन इंची सीना है, पड़ोसी कर दिया नंगा।। Listen poem on Youtube