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मई, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Pahalwan news, पहलवान कविता, doshi kaun, pahalwan par kavita dhobi pachhad - kavita kunji

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धोबी पछाड़  कामदेव बड़ा बलवान है पागल कर देता इंसान को। धन्य अध्यक्ष जी, धोबिया पछाड़ उल्टी मार दी पहलवान को।। चलो आरोप झूठ ही सही पर जब तक सच्चाई निकल कर आवेगी। तब तक तुम्हारी इज्जत का पोस्टमार्टम जनता कर डालेगी। देखा नहीं यूट्यूब कैसे बवाल मचा रहा है। दो कोड़ी का इंसान भी अपने को जंतर मंतर पर हीरो बता रहा है।। बस हम पहलवानों के साथ हैं क्या माजरा? पता नहीं। ब्रजभूषण गुंडा पहलवानों की खता नहीं।। फ्री की पब्लिसिटी में लोग न जाने क्या क्या बोल रहे हैं। ये मुद्दा कुछ और है लोग ई वी एम का भी राज खोल रहे हैं।। लगता है इस पूरे कांड में कुछ राजनीति का भी झोल है। मामला स्पष्ट नहीं कुछ तो गोलमोल है।। कोई धडल्ले से बोल रहा है तो कोई मौन है। अगर यह साजिश है तो इसके पीछे कौन है? धरने से न झूठ सच और न सच झूठ साबित हो सकेगा। माननीय सुप्रीम कोर्ट दूध का दूध पानी का पानी जल्द साबित करेगा।। भाई पुलिस की इन्वेस्टिगेशन से तो राम बचाए। मर्डर भरे बाजार में चंदू करता और पुलिस परशुराम बताए।। अच्छा है हम सब और अदालतों से भी ऊपर एक अदालत है। वहां किसी गुंडा माफिया और बाहुबली की नहीं चालत है।। वहां जैसी कर...

56 इंच का सीना, 56 inch ka seena - kavita kunji

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क्या रखा है गिरगिट की तरह जीने में। जरा सामने आके देख क्या छुपा है इस 56 इंची सीने में। मौहलत दी है तुम्हें सुधर जाने की। भूल मत कर हमें अंजमाने की।। सोला हूं पहले जलेगा फिर फटेगा भी। वक्त है पश्चाताप कर वरना मिटेगा भी।। मत कटाक्ष कर दर्द गहरा है। अब भी पाबंदी और पहरा है।। हर रात के बाद सबेरा है। माफी के काबिल नहीं जो गुनाह तेरा है।। अब ऐसा जख्म देंगें कि सात पीढ़ियों तक याद करेगा। मत भूल में रहना प्यारे कि हर बार बाप माफ करेगा।। मतलब परस्त आदमी मत अब रिश्ता बना। जा आज फ़िर से माफ़ किया जाकर खुशियां मना।।

Daru par kavita l Poem On Sharab

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#sharab #poem on sharab #sharabi par kavita शराबियों के प्रकार भिखारी भी दारू पीकर बनता है साहूकार। आज विस्तार से बताता हूं शराबियों के प्रकार।। सन सतनाबे में शराबियों के परीक्षण से आंका गया। शराबियों की किस्म को चार भागों में बांटा गया।। नंबर चार पर प्यार के ठुकराए आशिक आते हैं। घटिया किस्म के शराबी मयखाने में पीने जाते हैं।। ये ज्यादातर कर्जा लेकर के पीते हैं। जिंदगी को एक बोझ समझकर के जीते हैं।। सूची में नंबर तीन पर उन शराबियों का ब्योरा है। हर रोज पी रहे हैं जीवन अधूरा है।। ये लगभग नब्बे फीसदी शादीशुदा हैं। वाकी दस फीसदी शादी के बावजूद बीबी से जुदा हैं।। ये हर रोज दारू पीकर घर आते हैं। दरवाजा अक्सर पड़ोसी का खटखटाते हैं।। नंबर दो की सूची में अक्सर शराबियों की संख्या कम है। इनके दिल में कोई ठेस या फिर कोई गहरा गम है।। ज्यादातर ये लोग जोड़े से पीते हैं। समझकर चार दिन की जिंदगी एंजॉय से जीते हैं।। नंबर एक के शराबियों में अमीर लोग बेशुमार हैं। उद्योगपति, नेता और उच्चाधिकारी और उनका परिवार हैं।। ये दारू, मदिरा, शराब नहीं सोमरस समझ पीते हैं। खुद को कलियुगी देव और धरती को देवलोक समझ ज...