Best 10+ Gazals - मशहूर गज़लें
मायूस जिंदगी क्या नहीं है पास तेरे है परेशान क्यों? आज कर दिया मशीनों ने हर काम तेरा सुलभ, फिर भी बेवजह लगती है थकान क्यों? जिंदगी तो संघर्षों का संगम है ऐ ‘धर्म’। ये तो एक खेल है तू हैरान क्यों? पुरानी रिश्म रिवाजों को तू आज भी जकड़े बैठा है। फिर भी आज ज़माने में है बदनाम क्यों? दर्द की फरियाद को कोई नहीं सुनता यहां। आखिर बहरे हो गए हैं सबके कान क्यों? ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ अफसोस जब हो गया है पर्दाफाश तो फिर नकाब कैसा? जानबूझ कर ढाए सितम तो अब पछताव कैसा? प्यार में गम देना अदा है तुम्हारी। तो अब अश्क बहाकर यह अफ़सोस कैसा? आज ज़माने में सरेआम हुआ राज ए गुप्तगू। उठ चुके नकाब सारे ,अब है दोष किसका? नादां धर्म प्यार की रस्में निभाता रहा। बेवफा को वफ़ा समझा है मदहोश कैसा? ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ दिल की बोली हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्यार की निशानी गिरवी न रखने देंगे।। मानते हैं दर बदर तुम ढूंढते हो अब हमें। पर अपने दर पे बेवफा तुझे झांकने न देंगे।। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्...