Two lines shayari।। दो लाइन शायरी

Two lines shayari।। दो लाइन शायरी


जैसा हम सोचते हैं हर कोई वैसा नहीं होता।
हर इंसान एक जैसा नहीं होता।।
जिसके पास हौसले हैं उड़ान भरता है।
और हरामी सिर्फ शिकायत करता है।।

सच्चा दोस्त वह जो गलत काम से बचाए,
संकट में साथ दे, सही राह दिखाए।
-कविता कुंजी


पत्नी की पहचान विपत्ति में,
भाई की, संकट आने पर।
बहिन बने बच्चों का सहारा,
भाभी के मर जाने पर।।
बेटे की, परख बुढ़ापे पर, 
बेटी की, मर्ज सताने पर।
दोस्त की, घोर गरीबी में,
मां बाप की, बच्चों को सफल बनाने पर।।
-कविता कुंजी


दुश्मन मिले सबेरे सबरे मतलबी यार न मिले,
औरत गोरी हो या काली सर्वथा नारि न मिले।
-कविता कुंजी


अगर मिलकर चोट दी तो हम भी वार करेंगे,
"यादव" हैं कम से कम 12 साल तो याद रखेंगे।
-कविता कुंजी



दिल तोड़कर क्या खूब जश्न मना रहे हो,
हमारी बर्बादी पर महफ़िलें सजा रहे हो।
कल तक जो कहते थे जान हो हमारी,
आज उसी मोहब्बत को तमाशा बना रहे हो। 
            -कविता कुंजी  

कविता कुंजी

तेरा हंसना भी चुभने लगा जालिम ए शातिर,
हम सब कुछ लुटा चुके हैं बेवफा तेरी खातिर। 


जख्म खुद दिए हैं, दोषी हमें बता रहे हो
दोस्तों के बीच नादान बन, मुस्करा रहे हो।।


बुरे वक्त में सिर्फ लोगों के वायदा ही वायदा थे,
इन झूठों की भीड़ में पराए कम अपने ज्यादा थे।


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