@नया साल@
नया साल कुछ यूं आए तो बात बने।
जो सोचा है वह हो जाए तो बात बने।।
बिन इंतजार तू मिल जाए तो बात बने।
खुशियों से दिल भर जाए तो बात बने।।
कम मेहनत से फल मिल जाए तो बात बने।
मन भक्ति में लग जाए तो बात बने।।
संयम जीवन में आ जाए तो बात बने।
गर कृपा तेरी हो जाए तो बात बने।।
धैर्य में दृढ़ता आ जाए तो बात बने।
तेरी दया दृष्टि हो जाए तो बात बने।।
हर साल हमेशा नया साल यूं आता है।
अब निर्मल मन हो जाए तो बात बने।।
#कविता कुंजी
#धर्मेंद्र यादव
