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जम्मू में सेना Vs पुलिस! आखिर क्यों भड़का बवाल?

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 #kavitakunji, #viralkavita पिक्चर अभी बांकी है बात सेना की न होती, तो राजनीति इतनी गरम न होती। बिल्ली शेर को आंख दिखाए, यह भी तो बात हजम नहीं होती।। आज दीवान जी पिट गए, तो क्या नया काम हो गया। इतनी छोटी सी बात पर, जम्मू जाम हो गया।। शुक्र है पीट कर छोड़ गए, बरना कुछ और कर जाते। शांति से काम लिया, न तो हथियार निकल जाते।। धैर्यवान था वह सैन्य अधिकारी, जिसने धैर्य से काम लिया। बरना दो चार तो खाकी वाले, बेवजह निपट जाते।। पूछने पर सेना की प्रतिक्रिया आई। कि जब हमारा मेजर पिटा, तब किसी ने न आवाज उठाई।। कभी जवान पिटा, तो कभी सेना की वॉट लगाई। पुलिस की मौजूदगी में, कुछ गुंडों ने ब्रिगेडियर साहब के साथ की हाथापाई।। आज छोटी सी बात पर, इतना शोर शराबा क्यों? यह तो झांकी है। ध्यान रहे सेना से पंगा लिया, तो पिक्चर अभी बांकी है।।

Attitude Shayari

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  इतिहास लिखने वालों की खामोश कहानी 🔥 | Powerful Shayari @kavitakunji हर राज छुपा कर दिल में रखो, जब तक मंजिल पा नहीं जाता। दुनिया हँसती रहती है, जब तक इतिहास लिखा नहीं जाता। Listen On YouTube खामोशी की ताकत 😶🔥 | Attitude Shayari That Hits Different @kavitakunji  खामोशी को हथियार बना लो, शब्दों से शोर मचाना क्या, जो आग लगी है सीने में दुनियां को इसे बताना क्या। Listen On YouTube

बोलती कविता।। Bolti kavita

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 Nasha pyar ka।। नशा प्यार का आज एक दरिंदे ने कलियुग में ऐसा कुक्रत्य किया, घटना इतनी भयावह थी कि खुद धरती ने तांडव नृत्य किया। दिन दहाड़े मासूमियत रौंदी गई, नहीं किसी ने रोका उसको, उठा उठा के फेंक रहा था नहीं किसी ने ठोंका उसको। डेढ़ साल के इस बच्चे का आखिर क्या दोष रहा होगा, पटक पटक के मारा उसको, कैसे दर्द सहा होगा। चीखा होगा, रोया होगा, पर विरोध नहीं कर पाया होगा, देख मासूमियत उस बच्चे की, हे!मानव क्यों नही दहलाया होगा। उठा-उठाकर फेंका उसको,जैसे वो कोई चीज़ रहा, धरती काँपी, अम्बर रोया, मानव कितना नीच रहा। चीखें उसकी मंदिर पहुँचीं, मस्जिद तक फरियाद गई, जब बच्चे की टूटी साँसें, मानवता शर्मसार हुई। जब मां को पता चला होगा तब क्या मां पे बीती होगी, दुख के महासागर में मईया कैसे जीती होगी। देख लाल का विकृत चेहरा मईया कितनी रोई होगी, बिना लाल के सूनी छाती, नहीं रात को सोई होगी। देख लाल के खेल खिलौने मईया का दिल टूट रहा, कोस रही भगवान को बैठी क्यों तू मुझको लूट रहा। गूंज रही है मेरे कान में मेरे लला की किलकारी, फिर से चक्र घुमा दे कान्हा, न बच पाए वह अत्याचारी। - कविता कुंजी

Two lines shayari।। दो लाइन शायरी

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Two lines shayari।। दो लाइन शायरी जिंदगी की जो कमी मरते दम तक न निकली, इतनी थी तंग दस्ती कफन की जमी निकली।   जनाजा जब मेरा निकला तो पार्टी भी सूनी निकली, और करबलों ने कब्र खोदी तो पत्थर की जमीं निकली।   थके प्राण मरघट में दम लिया करते हैं,   और आज तक हमने यही अंजमाया है कि जिनसे मिली खुशी वे गम दिया करते हैं।   जैसा हम सोचते हैं हर कोई वैसा नहीं होता। हर इंसान एक जैसा नहीं होता।। जिसके पास हौसले हैं उड़ान भरता है। और हरामी सिर्फ शिकायत करता है।। सच्चा दोस्त वह जो गलत काम से बचाए, संकट में साथ दे, सही राह दिखाए। -कविता कुंजी पत्नी की पहचान विपत्ति में, भाई की, संकट आने पर। बहिन बने बच्चों का सहारा, भाभी के मर जाने पर।। बेटे की, परख बुढ़ापे पर,  बेटी की, मर्ज सताने पर। दोस्त की, घोर गरीबी में, मां बाप की, बच्चों को सफल बनाने पर।। -कविता कुंजी दुश्मन मिले सबेरे सबरे मतलबी यार न मिले, औरत गोरी हो या काली सर्वथा नारि न मिले। -कविता कुंजी अगर मिलकर चोट दी तो हम भी वार करेंगे, "यादव" हैं कम से कम 12 साल तो याद रखेंगे। -कविता कुंजी दिल तोड़कर क्या ...