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Pahalwan news, पहलवान कविता, doshi kaun, pahalwan par kavita dhobi pachhad - kavita kunji

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धोबी पछाड़  कामदेव बड़ा बलवान है पागल कर देता इंसान को। धन्य अध्यक्ष जी, धोबिया पछाड़ उल्टी मार दी पहलवान को।। चलो आरोप झूठ ही सही पर जब तक सच्चाई निकल कर आवेगी। तब तक तुम्हारी इज्जत का पोस्टमार्टम जनता कर डालेगी। देखा नहीं यूट्यूब कैसे बवाल मचा रहा है। दो कोड़ी का इंसान भी अपने को जंतर मंतर पर हीरो बता रहा है।। बस हम पहलवानों के साथ हैं क्या माजरा? पता नहीं। ब्रजभूषण गुंडा पहलवानों की खता नहीं।। फ्री की पब्लिसिटी में लोग न जाने क्या क्या बोल रहे हैं। ये मुद्दा कुछ और है लोग ई वी एम का भी राज खोल रहे हैं।। लगता है इस पूरे कांड में कुछ राजनीति का भी झोल है। मामला स्पष्ट नहीं कुछ तो गोलमोल है।। कोई धडल्ले से बोल रहा है तो कोई मौन है। अगर यह साजिश है तो इसके पीछे कौन है? धरने से न झूठ सच और न सच झूठ साबित हो सकेगा। माननीय सुप्रीम कोर्ट दूध का दूध पानी का पानी जल्द साबित करेगा।। भाई पुलिस की इन्वेस्टिगेशन से तो राम बचाए। मर्डर भरे बाजार में चंदू करता और पुलिस परशुराम बताए।। अच्छा है हम सब और अदालतों से भी ऊपर एक अदालत है। वहां किसी गुंडा माफिया और बाहुबली की नहीं चालत है।। वहां जैसी कर...

56 इंच का सीना, 56 inch ka seena - kavita kunji

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क्या रखा है गिरगिट की तरह जीने में। जरा सामने आके देख क्या छुपा है इस 56 इंची सीने में। मौहलत दी है तुम्हें सुधर जाने की। भूल मत कर हमें अंजमाने की।। सोला हूं पहले जलेगा फिर फटेगा भी। वक्त है पश्चाताप कर वरना मिटेगा भी।। मत कटाक्ष कर दर्द गहरा है। अब भी पाबंदी और पहरा है।। हर रात के बाद सबेरा है। माफी के काबिल नहीं जो गुनाह तेरा है।। अब ऐसा जख्म देंगें कि सात पीढ़ियों तक याद करेगा। मत भूल में रहना प्यारे कि हर बार बाप माफ करेगा।। मतलब परस्त आदमी मत अब रिश्ता बना। जा आज फ़िर से माफ़ किया जाकर खुशियां मना।।

Daru par kavita l Poem On Sharab

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#sharab #poem on sharab #sharabi par kavita शराबियों के प्रकार भिखारी भी दारू पीकर बनता है साहूकार। आज विस्तार से बताता हूं शराबियों के प्रकार।। सन सतनाबे में शराबियों के परीक्षण से आंका गया। शराबियों की किस्म को चार भागों में बांटा गया।। नंबर चार पर प्यार के ठुकराए आशिक आते हैं। घटिया किस्म के शराबी मयखाने में पीने जाते हैं।। ये ज्यादातर कर्जा लेकर के पीते हैं। जिंदगी को एक बोझ समझकर के जीते हैं।। सूची में नंबर तीन पर उन शराबियों का ब्योरा है। हर रोज पी रहे हैं जीवन अधूरा है।। ये लगभग नब्बे फीसदी शादीशुदा हैं। वाकी दस फीसदी शादी के बावजूद बीबी से जुदा हैं।। ये हर रोज दारू पीकर घर आते हैं। दरवाजा अक्सर पड़ोसी का खटखटाते हैं।। नंबर दो की सूची में अक्सर शराबियों की संख्या कम है। इनके दिल में कोई ठेस या फिर कोई गहरा गम है।। ज्यादातर ये लोग जोड़े से पीते हैं। समझकर चार दिन की जिंदगी एंजॉय से जीते हैं।। नंबर एक के शराबियों में अमीर लोग बेशुमार हैं। उद्योगपति, नेता और उच्चाधिकारी और उनका परिवार हैं।। ये दारू, मदिरा, शराब नहीं सोमरस समझ पीते हैं। खुद को कलियुगी देव और धरती को देवलोक समझ ज...

Bewfa Shayari in Hindi - बेवफा शायरी (April 2023)

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    प्यार की निशानी हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे। अपने प्यार की निशानी नीलाम न होने देंगे।। मानते हैं दर बदर तुम ढूंढते हो अब हमें। पर अपने दर पर बेवफा हम तुझे न झांकने देंगे।। अपने प्यार की निशानी नीलाम न होने देंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। तू दिल बेचती है लालची बोली लगाकर। बहुत पैसा कमाया जिस्म अपना बिछाकर।। अब बफाओं की बस्ती में हम तुझे न बसने देंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। पैसे के दम पर घर बसा रहीशों की बस्तियों में। और मंहगा! दिल बिकेगा तेरा,ऊंची हस्तियों में।। वहां बच्चे भी तेरे पढलिख कर उद्योगपति बनेंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। पल में क्या से क्या हो जायेगी औकात तेरी। विदेशों में पढ़ने जायेगी औलाद तेरी।। फिर भी लोग बाजार में तुझे खुलेआम न चलने देंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। किसी के दिल को घर समझ कर अपना प्यार वसादे। बच्चों को भी बाप बास्ते किसी एक का नाम बतादे।। बरना बच्चे तुझको भी मां कहने से इंकार करेंगे। हम प्यार को बेरहम ऐसे न घुटने देंगे।। ***************************      रिश्ते में ला...

झूठी शान। Jhoothi Shaan। Best hindi poem 2023

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झूठी शान दुख सुख परिवर्तनीय, न रहता एक सदा है। जितना मिला सब्र कर, होता वही जो मंजूर-ए-खुदा है।। क्यों गठरी बांधकर कर, तू कर रहा मेरा मेरा। जबकि जाना कुछ है नहीं, यह सत्य भी तुझे पता है।। मौत को झुठला देना भी, तो एक बड़ा मजाक है। भगवान को सिद्ध करो, यह कितना शर्मनाक है।। आज खुदा का भी सौदा किया, धर्म के ठेकेदारों ने। भगवान की भी बोली लगने लगी, सरेआम बाजारों में।। लोग बिजनेस ठोंक रहे, भगवान के नाम पर। क्या भरोसा करोगे, अब तुम इंसान पर।। अभिमान की बू अब आ रही, इंसान में। सत्य को दरकिनार कर, जी रहा झूठी शान में।। बहुत बुरा अंत होगा, उन सभी बेईमानों का। खुश होता झूठी शान सुन, इसमे क्या दोष है कानों का।। वक्त के रहते संभल, बरना फिर कुछ हासिल न होगा देर में। चिड़ियां चुन कर उड़ जायेंगी, कुछ खक न होगा खेत में।।

Hindi Poems On Life | 5+ Best जिंदगी पर कविताएँ | Hindi Poetry

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ये लोग शहर के ।। Best poem on life जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? कुछ पाने की चाह में, बहुत कुछ खो रहे। आखिर तेरी चाहत क्या, सोच जरा ठहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। ढूंढ इस भीड़ में, उस गुरु रूपी नाव को। क्यों डूबना भला, इस गहरी नदी में तहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। रुक! उस ओर देख, जो देखता तुझको सदां। तू भूला उसके प्रेम को,यहां भौतिकता में बहल के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। तू माध्यम से मालिक बना, झूठा बहम पाल कर। तुम तो सिर्फ बुलबुले इस बड़ी नदी की लहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के।। वक्त जिसकी देन है, उसके लिए कहां वक्त है? तू व्यस्त होकर बो रहा, बीज जिंदगी में जहर के।। आगे निकलने की होड़ में, कहां जा रहे ये लोग शहर के? जरा सोच जिंदगी को ‘धर्म’, एक पल ठहर के...

चारा घोटाला/ chara ghotala best hindi poem

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चारा घोटाला  लालू की पालतू गाय ने लालू को ललकारा, हमे नहीं खाना आपके घोटाले का चारा। मेरे भाई बहिनों का तुमने पेट काट डाला, घोटाले तो कितने हुए तुम्हारे हिस्से में आया चारा। तुम बदनाम कैसे हो गए इस चारे घोटाले में, लोगों ने तोपें तक बेच दी और आ न सके उजाले में। में हैरान हूं यह सब जानकर, तुमसे तो अच्छे हैं हम नासमझ जानवर। हमने कभी आपका पेट नहीं काटा, सूखी घास से ही पेट भरा कभी मांगा नहीं आटा। अब घोटाले के चारे से हमें बदनाम मत कीजिए, गर इज्जत का नहीं है राशन तो हमें आवारा छोड़ दीजिए।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, beti bachao beti padhao

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गजब की विज्ञान गजब के यंत्र बना डाले। बालक खातिर, तमाम बालिका भ्रूण मार डाले।। किसने दिया अधिकार आपको उन्हें मारने का। क्या इतना भी दम नहीं था उन्हे पालने का।। परिणाम तो भोगने होंगे कुदरत का उसूल है। मेरा कोई क्या करेगा यह अहिंकारमय भूल है।। जीवन एक ड्राइंगशीट, जिंदगी रंगीन इमेज है। तूने रंग भी कपट से भरे,क्या खूब दिमाग तेज है।। एक खातिर दूसरी की बलि चढ़ाई शौक से। निर्दोष चीख चिल्लाती रही तेरे भयावह खौफ से।। For read n enjoy more interesting poems, pls visit my website www.hindicteative.in 🙏

Interesting Poem - मर्द को भी दर्द होता है

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#mard #mardkavita #inerestingpoem             यह कविता एक ऐसे शख्स को समर्पित है। जिसने दुनिया में असंभव को संभव कर दिखाया। और अपने दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए, निसंतान अपनी पत्नी के लिए गर्भधारण कर दुनिया के लिए एक मिशाल कायम की। मर्द का दर्द  न पहुंच जाए,किसी को कोई आघात है। खुलकर तो बता दूं,मगर अंदर की बात है।। गर कलम चाहे तो न जाने, क्या क्या लिख डाले। मगर कुछ ज्यादा ही सोचते हैं,कलम से लिखने वाले।। फर्क कुछ ज्यादा हो जाता है,अंदर और बाहर में। जरूर झांक कर देखें,अपने भी यार में।। क्या पता विश्वास की इमारत में कब दरार आए। जिसको वफ़ा समझा जुगों से,वही बेवफ़ा नजर आए।। नहीं कुछ असंभव है आज की सदी में। आलिया नजर आ सकती है आपको गधी में।। आज सवाल उठ रहे हैं मर्दों की मर्दानगी में। नारी बहुत खुश है समलैंगिक शादी में।। प्यार, मोहब्बत,रूठना,मनाना अब इसके लिए वक्त नहीं है। सायद अब नारी को मर्दों की जरूरत भी नहीं है।। सिर्फ नारी ही रहे इस जुग में, गर उसके हो वश में। मर्द बदनाम यूं ही,प्रेमिका भी झूठी खाती है कसमें।। पुरुष तो महान है,क्या नहीं किया नारी...

Best hindi poem - 2023, asmanjas, असमंजस, uljhan - उलझन कविता

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असमंजस मन में एक उलझन है,असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें,अब तो सोचना भी बंद सा है।। किसी का खुदा,भगवान,ईश्वर तो किसी का निराकार सा है। किसी का सर्वस्व ईशु तो किसी का गुरु ग्रंथ साहब सा है।। बहम सब पाले हुऐ जबकि खुदा सबका एक सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मन में एक उलझन है, असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। किसी ने मोछ हेतु कृष्ण को सारी जिंदगी झोंक दी। तो किसी ने पाखंड कर भगवान पर बिज़नेस ही ठोंक दी।। किसी को भक्ति में शक्ति मिली तो किसी की नजर में तमाशा है।। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मन में एक उलझन है, असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मस्त है दुनियां मौज में बस पैसे की भूख है। झूठ की महफिल सझी बस उसी में मसरूक है।। न जाने मजबूरी है या इच्छा बस नजरबंद सा है। किस किस पर यकीन करें, अब तो सोचना भी बंद सा है।। मन में एक उलझन है,असमंजस है और द्वंद सा है। किस किस पर यकीन करें,अब तो सोचना भी बंद सा है।।