अल्पभाषी हिंदी कविता/ineresting poem on hindi
कम बोलना कमजोरी नहीं अदा हो सकती है।
अल्पभाषी पर भी आलिया फिदा हो सकती है।।
ज्यादा बोलना राज खोलना सच ही कहा सभी ने।
नाकाम हुए इरादे उजागर किए हमीं ने।।
नाकाम हुए इरादे उजागर किए हमीं ने।।
वक़ता से अच्छा श्रोता, बताया सभी ने।
तुमने ज्ञान बांटा जिनको मूर्ख बनाया उन्हीं ने।।
“चुप की अदा” भी अपने आप में सब बता जाती है।
न तो “एक मुस्कराहट” क्यूँ दिल पर गहरी छाप छोड़ जाती है।।
न तो “एक मुस्कराहट” क्यूँ दिल पर गहरी छाप छोड़ जाती है।।

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